पारा शिक्षकों को पिछले 6 माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी
परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि मानदेय के अभाव में
पारा शिक्षक अपना इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं।
कालीमाटी निवासी व
उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाईबेड़ा के पारा शिक्षक चिंतामणि गोप बीते एक
सप्ताह से बीमार थे। उनका इलाज कटक में किया जा रहा था। लेकिन पैसे के अभाव
में वे लौटकर चाईबासा आ गए। तीन दिन पहले उन्हें चाईबासा के गायत्री सेवा
सदन में भर्ती कराया गया। वहां भर्ती होने के बाद दूसरे दिन उनकी तबीयत
बिगड़ने लगी व चिकित्सक ने उन्हें जमशेदपुर ले जाने की सलाह दी। लेकिन परिजन
पैसे की कमी की वजह से बीमार पारा शिक्षक को जमशेदपुर नहीं ले जा सके और
इलाज के अभाव में सोमवार की रात उनकी मौत हो गई। पारा शिक्षक की मौत के बाद
उनकी प|ी व दो बच्चों को परिवार चलाने के लिए मजदूरी के सिवा अब कुछ नहीं
रहा। प्रखंड के पारा शिक्षकों आश्रित के घर जाकर विभागीय काम में सहयोग
करने की आश्वासन दिया। मौके पर पारा शिक्षक ज्योतिन बिरूवा, विजय गोप,
सोनाराम गोप, पुस्तक गोप, सुसारन सिंकू, इंद्रजीत , गजेंद्र बिरूवा, केशव
लागुरी, शुकमती सिंकु, फुलमती सिंकू, नागेश्री सिंकू व अश्रिता सिंकू मौजूद
रहे।