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डीवाइएफआइ ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

झुमरीतिलैया (कोडरमा) : भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाइएफआइ) की जिला कमेटी की बैठक बुधवार को परमेश्वर यादव की अध्यक्षता में हुई। इसमें नावाडीह विद्यालय मे मध्याह्न भोजन खाने से बच्चे की मौत पर दुख जताते हुए डीवाइएफआइ ने नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री नीरा यादव से इस्तीफे की मांग की है। वक्ताओं ने कहा कि इस घटना मे विद्यालय के शिक्षक और पारा शिक्षकों को बलि का बकरा बनाया गया है। इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेवार शिक्षा विभाग की व्यवस्था है। इसमें जिला सचिव सुरेंद्र राम ने सबको शिक्षा और सबको काम के लिए आंदोलन का प्रस्ताव रखा। डीवाइएफआइ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन इसमें सरकार पूरी तरह से विफल रही। रोजगार सृजन के नाम पर मेक इन इंडिया, स्किल्ड इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया आदि नारे खोखले साबित हुए। नोट बंदी और जीएसटी के चलते बेरोजगारी और बढ़ गया है। देश मे प्रत्येक वर्ष एक करोड़ तीस लाख नौजवान रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं देश मे पन्द्रह लाख इंजीनियर मे छह लाख के पास कोई काम नहीं है। दूसरी तरफ केंद्रीय विभागों मे 24 लाख एवं झारखंड मे 6 लाख 44 हजार पद खाली है। बहाली नहीं हो रही है और इन मुद्दों से ध्यान बटाने के लिए नौजवानों को हिंदू, मुसलमान के नाम पर बांटा जा रहा है।

भाजपा सरकार की इस युवा विरोधी नीति के खिलाफ नौजवानों को संघर्ष करना होगा। इसमें डीवाइएफआइ के आह्वान पर राजभवन के समक्ष 15 सितंबर को 24 घंटा का धरना और 3 नवंबर को दिल्ली में संसद मार्च मे 200 नौजवान के साथ भाग लेने का निर्णय लिया गया।

इसमें जिलाध्यक्ष परमेश्वर यादव, सचिव सुरेंद्र राम, उपाध्यक्ष राजेंद्र साव, चेतलाल दास,राजेंद्र यादव, मोहन साव और रजा इमाम ने अपने विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन चेतलाल दास ने किया।

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