एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा रमना इकाई की बैठक ई विद्या वाहिनी एवं
पारा शिक्षकों का तबादला के विरोध में मध्य विद्यालय सिलीदाग-एक के प्रांगण
में प्रमोद कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को की गई। बैठक में पारा
शिक्षकों ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीति से पारा शिक्षक डरने वाले नहीं
हैं। इस बार पारा शिक्षक सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षकों की तरह विद्यालय चयन में उनकी राय
नहीं ली गई। जिसका परिणाम है कि दिव्यांग पारा शिक्षक का तबादला 18
किलोमीटर दूर कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में युक्तिकरण के नाम पर पारा
शिक्षक का शोषण करने वाली शिक्षा विभाग की नीति का अंतिम सांस तक विरोध
किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पारा शिक्षकों को स्थायीकरण कर वेतनमान
नहीं देती है, तब तक पारा शिक्षक ई विद्यावाहिनी एवं तबादला का विरोध
करेंगे।
बैठक में स्थायीकरण कर वेतनमान लागू होने तक ई विद्यावाहिनी के
बायोमैट्रिक हाजिरी नहीं बनाने एवं तबादला किए गए विद्यालय में योगदान नहीं
करने का निर्णय लिया गया। बैठक में राजू कुमार देव, संतोष कुमार सिंह, रवि
कुमार, अजीत कुमार, नीरज कुमार पाठक, अशोक बैठा, सच्चिदा प्रसाद यादव,
अनिल कुमार, खुर्शीद आलम, मोहम्मद बरकत हुसैन, मोहम्मद गयासुद्दीन अंसारी,
गणेश राम चंद्रवंशी, दिलीप कुमार, दिवाकर सिंह, सुबोध कुमार कर्ण, मंसूर
आलम एवं पीयूष प्रशांत सहित कई पारा शिक्षक उपस्थित थे। पारा शिक्षकों की
बैठक में एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के रमना प्रखंड कमेटी का
पुनर्गठन किया गया हैं। जिसमे प्रमोद सिंह को अध्यक्ष, प्रताप कुमार यादव
को उपाध्यक्ष, राहुल सिंह कुशवाहा को सचिव, नरेंद्र ठाकुर को संगठन मंत्री
और उपेंद्र प्रसाद को कोषाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी बनाया गया है।