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शिक्षकों की समस्या प्रखंड में दूर नहीं होने पर नपेंगे अधिकारी

राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को छुट्टी लेने, वेतन भुगतान से लेकर सेवानिवृत्ति का लाभ का प्रखंड स्तर से ही मिलेगा। इसके लिए उन्हें जिला या राज्य मुख्यालय आने की जरूरत नहीं होगी।
स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सभी जिलों को इसका कड़ाई से पालन करने का निर्देश दे दिया है। कड़ाई से इसका पालन नहीं हुआ तो संबंधित जिले के पदाधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के व्यक्तिगत समस्या को प्रखंड स्तर पर निराकरण कराया जाये। इसमें शिक्षकों को अवकाश स्वीकृति, वेतन भुगतान, बकाया वेतन भुगतान, वार्षिक वेतन वृद्धि और रिटायर करने से छह महीने पहले सेवानिवृत्ति लाभ संबंधि दस्तावेज प्रखंड स्तर पर ही जमा कर सकेंगे। अगर कोई मामला प्रखंड स्तर पर नहीं सुलझता तो शिक्षक जिला स्तर पर  जिला शिक्षा कार्यालय में ई-मेल और वाट्स एप के जरिये भेज सकेंगे। यहां से संबंधित शिक्षक को उनकी भेजी समस्या की रीसिविंग और एक टोकन नंबर दिया जायेगा। जब संबंधित समस्या का निदान हो जायेगा तो शिक्षकों को ई-मेल और वाट्स एप के जरिये सूचना दी जा सकेगी।

सरकारी स्कूलों के शिक्षक सिर्फ गुरु गोष्ठी में शामिल होंगे। उन्हें दूसरे किसी काम के लिए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक की ओर से नहीं बुलाया जायेगा। शिक्षा विभाग ने इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। इसका उल्लंघन होने पर कार्रवाई करने का भी संकेत दिया गया है। शिक्षक प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) और संकुल संसाधन केंद्र (सीआरसी) में आयोजित गुरु गोष्ठी में शामिल हो। अगर शिक्षकों को इससे इतर दूसरी बैठक के लिए बुलाया जाना है या फिर दूसरे काम में लगाया जाना है तो इसके लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशक से ई-मेल, वाट्स एप या फोन पर इसकी अनुमति लेनी होगी।  

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