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अभ्यर्थियों के लिए लॉलीपॉप बना जेटेट! नहीं मिली नौकरी, उम्र और प्रमाणपत्र की वैधता हो गयी खत्म

Ranchi : झारखंड एकेडमिक काउंसिल  की ओर से दो बार झारखंड टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (जेटेट) परीक्षा का आयोजन किया गया. जेटेट-2012 के परीक्षाफल में लगभग 65 हजार छात्रों का सफल चयन किया गया.
लेकिन इनमें से मात्र 15 हजार छात्रों को नौकरी मिल पायी. जेटेट-2012 में लगभग 40 हजार सफल अभ्यार्थियों को जेटेट की ओर से प्रमाण-पत्र दिया गया. जिसकी वैधता पांच साल बाद साल 2017 में समाप्त हो गयी, लेकिन पांच सालों में भी सफल अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिली. राज्य में पहले टेट परीक्षा में उन्हीं लोगों को सरकारी नौकरियां मिलीं, जो विज्ञान संकाय से उत्तीर्ण थे. इसके बाद जैक के द्वारा साल 2016 में फिर से जेटेट परीक्षा का आयोजन किया गया, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी सफल अभ्यार्थियों की खोज खबर लेनेवाला कोई नहीं है.

पिछले टेट की तर्ज पर जेटेट-2016 के सफल अभ्यर्थी शिक्षक बनने की आस में अपने प्रमाण-पत्र की वैधता खत्म होते दिख रहे हैं. जेटेट-2016 में 42 हजार अभ्यार्थियों को सफलता मिली थी. लेकिन नौकरी की आस में आज भी की ये अभ्यर्थी सरकार के आदेश का इंतजार कर रहे हैं. सरकार के उस   कदम की राह देख रहे हैं कि कब सरकार उन्हें सरकारी स्कूलों में शिक्षक के रूप में अवसर प्रदान करेगी. जैक द्वारा दो बार जेटेट के आयोजन और उसके क्रियाकल्पों से यही प्रदर्शित होता है की जेटेट झारखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए लॉलीपॉप से कम नहीं है.

जैक द्वारा जेटेट परीक्षा दो स्तरों पर लिया जाता है. पहले स्तर पर कक्षा 1 से 5 तक लिए परीक्षा एवं दूसरे स्तर पर कक्षा 6 से 8 तक की परीक्षा सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिये लिया जाता है. परीक्षा में सफल अभ्यार्थियों को मूल प्रमाण-पत्र जैक द्वारा निर्गत किया जाता है, इसकी वैधता पांच साल होती है. पांच साल के अंदर इस प्रमाण-पत्र के माध्यम से सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का अवसर मिलता है. जेटेट परीक्षा के लिए आवेदन की अधिकत उम्र सीमा 40 वर्ष होती है. बीते छह सालों में जेटेट का दो बार आयोजन उस दिशा में कोई पहल नहीं होना इस बात को ही दिखाता है कि, किस तरह से इंतजार में अभ्यार्थियों की उम्र एवं प्रमाण की वैधता खत्म हो रही है, और अभ्यर्थी शिक्षक बनने की राह तक रहे हैं

जैक अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि जैक द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जाता है. छह सालों में दो बार जेटेट परीक्षा हुआ. विभाग के सचिव के आदेश के बाद ही अब अगला जेटेट परीक्षा आयोजित किया जायेगा. जेटेट से सफल अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का अवसर देना सरकार के हाथों में है और अब देखना है कि क्या सरकार आशा देख रहे छात्रों को उनका हक देगी.
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