जागरण संवाददाता, देवघर : झारखंड वित्त रहित शिक्षा संयुक्त मोर्चा की
अपील पर बुधवार को शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष
धरना दिया और मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इसमें पंडित
विनोदानंद झा मेमोरियल इंटर कॉलेज व चितरा इंटर कॉलेज के दर्जनों शिक्षक व
कर्मी शामिल थे।
इनका कहना था कि 60 मंत्री, सांसद व विधायक की अनुशंसा के बाद भी वित्त
रहित विद्यालयों का न तो अधिग्रहण किया गया और नहीं घाटा अनुदान दिया जा
रहा है। इसके चलते शिक्षकों व कर्मियों में आक्रोश है। इस दौरान
मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र उपायुक्त को सौंपा गया। जिसमें वित्त रहित
शिक्षा नीति समाप्त करने, जांच के नाम पर भयादोहन बंद करने, संशोधित
नियमावली 2015 के आलोक में पूर्ण अनुदान, इंटर कॉलेजों में शिक्षकों के लिए
बीएड की अनिवार्यता समाप्त करने, अनुदान की राशि शिक्षण संस्थानों के बैंक
खाते में देने, सत्र 2017-18 में छुटे हुए शिक्षण संस्थानों को अनुदान
देने, परीक्षाफल के प्रतिशत में सुधार कर अनुदान की सही राशि देने तथा
मंत्री, सांसद व विधायक के अनुशंसा के आलोक में अतिशीघ्र इंटर कॉलेजों का
अधिग्रहण करने व घाटा अनुदान देने की मांग की गई है। आंदोलन का नेतृत्व
योगेंद्र चरण द्वारी कर रहे थे। जबकि मौके पर गोपाल प्रसाद, सुशील प्रसाद
मिश्र, विवेकानंद ¨सह, अकलेश्वर ¨सह, सुनील दत्त, मनोज कुमार मठपति, डेकलाल
दास, प्रकाश मांझी, अशोक कुमार दास, संजय, पुतुल देवी आदि थे।