मेराल: सरकार द्वारा मांगे नहीं माने जाने से निराश तथा आक्रोशित मेराल
प्रखंड के करीब 4 दर्जन पारा शिक्षकों ने शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय
पहुंच बीडीओ से मुलाकात की। बीडीओ मनोज कुमार तिवारी से कहा अब
हमलोग बीएलओ
का काम नहीं करेंगे। काम करने से इंकार करते हुए पारा शिक्षकों ने सामूहिक
रुप से अपना त्यागपत्र सौंप दिया। त्यागपत्र देने वाले पारा शिक्षकों का
कहना है कि वर्तमान में राज्य के पारा शिक्षक अपनी मांग को लेकर आंदोलनरत
हैं। वहीं सरकार पारा शिक्षकों की समस्याओं के प्रति उदासीन है। शिक्षकों
ने कहा है कि झारखंड सरकार के प्रधान सचिव के पत्रांक 1486 रांची 4 सितंबर
2018 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा
किसी भी परिस्थिति में गैर शैक्षणिक कार्य नहीं कराना है। पारा शिक्षकों ने
शिक्षा सचिव के निर्णय का हवाला देते हुए बीएलओ कार्य करने से असमर्थता
जताते हुए बीडीओ से त्याग पत्र स्वीकार करने का निवेदन किया है। आवेदन देने
वाले शिक्षकों में मुख्य रुप से तैय्यब अंसारी, रामाकांत प्रजापति, मनीष
¨सह, रामदयाल महतो, मनदीप राम, विजयपाल, उपेंद्र प्रसाद, र¨वद्र कुमार
गुप्ता, रामनाथ प्रसाद, योगेंद्र शर्मा, अखिलेश विश्वकर्मा, लालू प्रसाद
यादव, दिनेश पाठक, कुमार नाथ विश्वकर्मा, घनश्याम पांडे, नंदू राम, श्रवण
तिवारी, हरिचरण ठाकुर, रामाशीष प्रसाद, सत्येंद्र तिवारी, मिथिलेश तिवारी,
सतीश कुमार गुप्ता, शकील अहमद, राकेश कुमार द्विवेदी, सुदामा प्रसाद यादव,
महेंद्र प्रसाद, विनोद कुशवाहा सहित 51 पारा शिक्षकों का नाम शामिल है।