एजुकेशन रिपोर्टर | जमशेदपुर सरकार द्वारा वर्ष 2008 के बाद नियुक्त पारा शिक्षकों को जांच के बाद
हटाने की घोषणा पर विवाद खड़ा हो गया है। सरकार के इस फैसले को लेकर पारा
शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
उनका कहना है कि यह सरकार बार-बार अलग अलग
माध्यमों को अपनाकर पारा शिक्षकों को लक्ष्य कर रही है। एकीकृत पारा शिक्षक
संघ के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुमित कुमार तिवारी ने कहा कि इससे
पूर्व के शिक्षा सचिव ने वर्ष 2010 तक नियुक्त हुए पारा शिक्षकों को किसी
भी तरह की जांच नहीं कराने का विभागीय आदेश निकाला था। इसके पीछे उनका तर्क
था कि इनकी नियुक्ति ग्रामसभा के माध्यम से हुई थी। ऐसे में 2008 के बाद
नियुक्त पारा शिक्षकों को हटाने का आदेश देना गलत है। एक ही सरकार बार-बार
अपने फैसले बदल कर पारा शिक्षकों को परेशान कर रही है। वर्तमान शिक्षा सचिव
का आदेश अप्रासंगिक है, जिससे पारा शिक्षकों में रोष है। उन्होंने कहा कि
अगर सरकार इस प्रकार का कोई निर्णय लेती है तो पारा शिक्षक उसका पुरजोर
विरोध करेंगे। हर स्तर पर इसकी लड़ाई लड़ेंगे। चक्रधरपुर अनुमंडल पारा
शिक्षक संघ के सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को इस
मामले से अवगत कराया गया है। पारा शिक्षकों ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से
शिक्षा सचिव से बात कर आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।
11.50 लाख रुपए से सीपी समिति मिडिल स्कूल का सौंदर्यीकरण
गोलमुरी केबुल बस्ती स्थित सीपी समिति मिडिल स्कूल सभागार का
सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन सांसद विद्युत वरण महतो, महानगर अध्यक्ष
दिनेश कुमार, पवन अग्रवाल ने रविवार को किया। स्कूल सभागार का सौंदर्यीकरण
कार्य नगर विकास विभाग के 11.50 लाख रुपए से किया गया है। सांसद ने कहा कि
बिजली, पानी, रेल, एयरपोर्ट, सड़क, सामुदायिक भवन निर्माण हो रहे हैं।
लोगों को सुविधा बेहतर मिले, इसके लिए राज्य सरकार कई योजना चला रही है।
मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार, खेमलाल चौधरी, मिथिलेश यादव,
रविशंकर दुबे, परमानंद कौशल, मोहन आदि मौजूद थे।