जागरण संवाददाता, बोकारो : बोकारो जिले का शिक्षा विभाग फर्जीवाड़ा
करनेवालों से परेशान है। आलम यह है कि यहां फर्जीवाड़ा करनेवाला गिरोह
शिक्षकों का तबादला और निलंबन आदेश के साथ निलंबन मुक्ति आदेश तक निकाल रहा
है।
उसपर बकायदा जिला शिक्षा अधीक्षक का फर्जी हस्ताक्षर और मुहर भी लगा
दिया जाता है। इस बात का खुलासा जिला शिक्षा अधीक्षक के पत्रांक संख्या
1526 दिनांक 25 अगस्त के माध्यम से हुआ है। जिले में ऐसे दर्जनों फर्जी
आदेश जारी हो चुके हैं। मजबूर होकर जिला शिक्षा अधीक्षक को ही इसपर रोकथाम
के लिए पत्र निकालकर सबको सावधान करना पड़ा है। चर्चा है कि यह पूरा खेल
विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। लेकिन खुलासा अब हो
रहा है। पूरा प्राथमिक शिक्षा विभाग दलालों के माध्यम से चल रहा है।
हालांकि इस संबंध में डीएसई से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे
संपर्क नहीं हो सका।
बताते हैं कि शिक्षा विभाग में सक्रिय कुछ दलाल जिला शिक्षा अधीक्षक,
क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के फर्जी
हस्ताक्षर के जरिए पहले शिक्षकों का निलंबन आदेश निकाल देते हैं और फिर
उनसे मुद्रामोचन कर दोबारा पदस्थापन संबंधी फर्जी आदेश भी निर्गत कर रहे
हैं। कुछ शिक्षक इनके चंगुल में फंस जाते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए
विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक
सह अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी ने कार्यालय आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया
है कि निरीक्षण के क्रम में कुछ लोगों द्वारा अवैध तरीके से जिला शिक्षा
अधीक्षक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के
फर्जी हस्ताक्षर द्वारा निलंबन व पदस्थापन संबंधी फर्जी आदेश निर्गत करने
का मामला प्रकाश में आया है। ऐसी स्थिति में भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न
हो, इसके लिए निर्देश दिया जाता है कि क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी एवं
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी निलंबन, पदस्थापन एवं अन्य योगदान संबंधी
पत्र के सत्यापन के उपरांत ही अग्रेतर कार्रवाई करेंगे।