चौपारण : झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले
प्रखंड अध्यक्ष रामावतार प्रजापति की अध्यक्षता में एक बैठक आहूत की गई तथा
बैठक का संचालन प्रखंड सचिव सीताराम यादव ने किया।
बैठक के उपरांत सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 17 अप्रैल से
पदयात्रा करते हुए चौपारण से चार सौ पारा टीचर अपने हाथों में तिरंगा झंडा
लिए राज्य के मुख्यमंत्री के आवास पर दिनांक 23 अप्रैल को पहुंचेंगे। बैठक
को संबोधित करते प्रखंड सचिव सीताराम यादव ने अपने अभिभाषण में कहा कि
सरकार हमें कमजोर नहीं समझे। एक ही संस्थान में कार्य कर रहे सरकारी
शिक्षकों का वेतन भुगतान करने के लिए सरकार के पास राशि उपलब्ध है जबकि एक
सरकारी शिक्षक के वेतन के बराबर दस पारा शिक्षक का मानदेय भुगतान किया जाता
है। उसके बावजूद भी पारा शिक्षकों का मानदेय देना न्याय उचित नहीं समझा
जाता है। वर्तमान समय में पारा शिक्षकों को दुकानदार राशन देने को तैयार
नहीं है। इस परिस्थिति में पारा शिक्षक, शिक्षिका का बच्चे दाने दाने के
लिए तड़पते नजर आ रहे हैं। चौपारण के पारा शिक्षक उदीत कुमार स्कूल के बाद
बाजार में सब्जी बेचने को मजबूर हैं।जिसका जिम्मेवार सरकार है।
प्रखंड अध्यक्ष रामोतार प्रजापति ने कहा कि अगर विभाग के द्वारा हम
पारा शिक्षकों का चार माह का बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, तो
इसका परिणाम विभाग और सरकार दोनों को क्रमबद्ध तरीके से भुगतना पड़ेगा।
इससे पहले संगठन की ओर से मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया।
बैठक में बच्चू राणा, सुधीर कुमार कौशल, कैलाश साव, मनोज कुमार, अर्जुन
रविदास, राजकुमार रविदास ,शशि भूषण ¨सह, गौरी देवी, अरुण ¨सह, प्रदीप ¨सह,
विनोद कुमार, विवेक कुमार, प्रेम पासवान,बलदेव साव, अजीत प्रजापति, विजय
प्रजापति, संतोष भुइयां सहित सैकड़ों पारा शिक्षक एवं शिक्षिका उपस्थित थे।