राजद ने पारा शिक्षकों के आंदोलन का नैतिक समर्थन किया है। प्रदेश
अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि राज्य सरकार पारा शिक्षकों के साथ
दोहरा व्यवहार कर रही है। इन्हें दैनिक मजदूरी से भी कम मानदेय दिया जा रहा
है, जबकि समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए।
अन्नपूर्णा ने कहा
कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से पारा शिक्षकों पर टिकी हुई है।
समान काम के लिए समान वेतन, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास शिक्षकों को स्थायी
शिक्षक बनाने तथा शिक्षक कल्याण कोष का गठन इनकी तीन प्रमुख मांगें हैं।
इन मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
राज्य सरकार
शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है। उसमें टेट पास पारा शिक्षकों को रखने में
कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, जहां तक समान काम के लिए समान वेतन की बात है
तो सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार के एक मामले पर निर्देश दिया है कि एक
प्रकृति के काम करने वालों को एक समान वेतन मिलना चाहिए। राजद अध्यक्ष ने
मुख्यमंत्री से पारा शिक्षकों की मांगों पर शीघ्र उचित निर्णय लेने का
आग्रह किया है।