प्राथमिक शिक्षा निदेशक जारी अधिसूचना 749 को विभाग ने 14 अप्रैल को जारी
किया था। इसमें बताया गया है कि प्रोन्नति के उपरांत वेतन निर्धारण में कोई
वेतन बढ़ोतरी नहीं होगी। ग्रेड-टू थ्री और इससे उपर के ग्रेड में प्रदान की
गई प्रोन्नति का लाभ योगदान की तिथि से होगा।
किसी भी स्थिति में भूतलक्षी
प्रभाव से प्रोन्नति देय नहीं है। झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ हजारीबाग के
महासचिव कुमार सत्यपाल ने बताया है कि निदेशालय से जारी अधिसूचना में
लिपिकीय टंकण भूल है। प्रावधान यही है कि ग्रेड-2, ग्रेड
-3,ग्रेड-5,ग्रेड-6 कालबद्ध प्रोन्नति के अंतर्गत आता है। इस ग्रेड वेतन
निर्धारण प्रपत्र F R-22(i)(A)2 के अंतर्गत किया जाता है। उपरोक्त कालबद्ध
प्रोन्नतियों में कोई इंक्रीमेंट देय नहीं है। ग्रेड-4 और ग्रेड-7 वास्तविक
प्रोन्नति के अंतर्गत आता है। इन प्रोन्नतियों में योगदान की तिथि से
निश्चित रूप से एक इंक्रीमेंट देय है। इसी तरह भूतलक्षी प्रभाव से
प्रोन्नति देने के आदेश के संबंध में प्रावधान है कि ग्रेड-4 और ग्रेड-7 की
प्रोन्नति भूतलक्षी प्रभाव से नहीं दिया जा सकता। लेकिन ग्रेड-2,ग्रेड-3,
ग्रेड-5 और ग्रेड-6 की प्रोन्नति भूतलक्षी प्रभाव से ही दिया जाता है।
सत्यपाल ने कहा है कि उक्त प्रावधानों का उल्लेख प्रोन्नति नियमावली 1993
निहित है। सत्यपाल ने बताया कि रांची डीएसई शिवेंद्र कुमार ने भी इसे
लिपिकीय भूल बताया है। उक्त अधिसूचना को लेकर शिक्षक कोर्ट में जाने के लिए
गोलबंद होने लगे हैं। सत्यपाल ने बताया कि विभाग को अवगत कराया गया है,
जल्द ही अधिसूचना में सुधार होगा।