कुमारडुंगी प्रखंड के सभी 63 पारा शिक्षकों ने प्रखंड कार्यालय के बड़ा बाबू
श्याम नारायण उपाध्याय को बीडीओ सुजाता कुजूर की अनुपस्थिति पर 5 सूत्री
मांग पत्र सौंपा।
इस दौरान पारा शिक्षकों ने कहा कि स्कूली शिक्षा एंव
साक्षरता विभाग के द्वारा विद्यालयों के विलय कि तुगलकी फरमान हम बर्दाश्त
नहीं करेंगे। वर्ष 2002 में विभाग के संकल्प के अनुसार 6-14 आयु वर्ग के 15
से 22 बच्चे की उपलब्धता व निकटतम विद्यालय से एक किलोमीटर की दूरी को
आधार बनाकर विद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसमें राज्य की साक्षरता दर में
वृद्धि हुई। विद्यालय मर्ज में किए जाने से कई संकट उत्पन्न नहीं होगा।
इसलिए पारा शिक्षकों का कार्य अति आवश्यक है लेकिन सरकार इसको प्राथमिकता
नहीं दे रही है जबकि पारा शिक्षक सभी सरकारी शिक्षकों से बेहतर कार्य कर
रही है। पारा शिक्षकों का ये ही मांग है कि समान कार्य समान वेतन, पारा
शिक्षक कल्याण कोष का गठन, पारा शिक्षकों को ईपीएफ से जोड़ा जाना, टेट
उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को वरीयता के आधार पर समायोजित करना एंव डीएलएएड
प्रशिक्षणरत पारा शिक्षकों से ली गई प्रशिक्षण मद की राशि की वापसी कराने
की मांग की है। इस अवसर पर पारा शिक्षक प्रखण्ड अध्यक्ष विरंची कारुवा,
गुरुचरण होनहागा, हीरावती बालमूचु आदि मौजूद थे।