कोयला खदान शिक्षक मोर्चा कथारा, बोकरो एवं करगली ढोरी प्रक्षेत्र का बैठक
जारंगडीह स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में सीसीएल अध्यक्ष प्यारेलाल यादव
की अध्यक्षता में हुई।
संचालन प्रधानाध्यापक स्वामी विवेकानंद स्कूल के रामप्रवेश सिंह ने किया। बैठक में शिक्षकों के सुविधाओं को लेकर 9 जनवरी को सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस में सभी मोर्चा के साथ पेट में रोटी बांधकर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में कोल इंडिया महामंत्री बीके सिंह ने कहा कि कोल इंडिया एक ओर हवा देती है कि सबसे अधिक वेतन देने वाली कंपनी सीसीएल है। लेकिन यहां के शिक्षको को पेट भरने का भी वेतन नही दिया जा रहा है। मात्र 5 से 7 हजार दे रहा है। उसपर भी कई नियम शर्त लागू है। यहां तक कि कभी कभी स्कूल के वेतन को काटकर मात्र 3 हजार कर देता है। यह तालिबानी फरमान से शिक्षकों को जीना दूभर होते जा रहा है। स्कूल की दशा इतनी खराब है कि सालों तक प्रबंधक की ओर साफ सफाई भी नहीं की जाती है और ही रिपेयरिंग ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य को गढ़ने का काम करते रहे हैं, लेकिन जब पेट में पड़ेगा तो आंदोलन के लिए भी तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन की ओर से शिक्षकों को ठगने का काम किया जा रहा है। जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सीसीएल अध्यक्ष प्यारेलाल दास ने कहा कि सीसीएल एडेड स्कूल के शिक्षकों के मान सम्मान को लेकर मोर्चा हमेशा प्रयासरत हैं। प्रबंधन शिक्षकों को बंधुवा मजदूर के तरह काम कराना चाहती है। ऐसा हरगीज नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर विनय कुमार सिंह, मो असलम, कमलेश गुप्ता, रमेंद्र तिवारी, रीना विल्शन, लालचंद ठाकुर, साजेश कुमार, भीम सिंह, तीजन करमाली, बीरमणी पांडेय, युगल किशोर झा, शला सरकार, अनीता सिंह, सीता कुमारी, बबली देवी, रामजी प्रसाद, मनोज सिंह, देवनारायण सिंह, अबिंका सिंह, रघुनंदन झा, अरविंद कुमार आदि उपस्थित थे।
संचालन प्रधानाध्यापक स्वामी विवेकानंद स्कूल के रामप्रवेश सिंह ने किया। बैठक में शिक्षकों के सुविधाओं को लेकर 9 जनवरी को सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस में सभी मोर्चा के साथ पेट में रोटी बांधकर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में कोल इंडिया महामंत्री बीके सिंह ने कहा कि कोल इंडिया एक ओर हवा देती है कि सबसे अधिक वेतन देने वाली कंपनी सीसीएल है। लेकिन यहां के शिक्षको को पेट भरने का भी वेतन नही दिया जा रहा है। मात्र 5 से 7 हजार दे रहा है। उसपर भी कई नियम शर्त लागू है। यहां तक कि कभी कभी स्कूल के वेतन को काटकर मात्र 3 हजार कर देता है। यह तालिबानी फरमान से शिक्षकों को जीना दूभर होते जा रहा है। स्कूल की दशा इतनी खराब है कि सालों तक प्रबंधक की ओर साफ सफाई भी नहीं की जाती है और ही रिपेयरिंग ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य को गढ़ने का काम करते रहे हैं, लेकिन जब पेट में पड़ेगा तो आंदोलन के लिए भी तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन की ओर से शिक्षकों को ठगने का काम किया जा रहा है। जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सीसीएल अध्यक्ष प्यारेलाल दास ने कहा कि सीसीएल एडेड स्कूल के शिक्षकों के मान सम्मान को लेकर मोर्चा हमेशा प्रयासरत हैं। प्रबंधन शिक्षकों को बंधुवा मजदूर के तरह काम कराना चाहती है। ऐसा हरगीज नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर विनय कुमार सिंह, मो असलम, कमलेश गुप्ता, रमेंद्र तिवारी, रीना विल्शन, लालचंद ठाकुर, साजेश कुमार, भीम सिंह, तीजन करमाली, बीरमणी पांडेय, युगल किशोर झा, शला सरकार, अनीता सिंह, सीता कुमारी, बबली देवी, रामजी प्रसाद, मनोज सिंह, देवनारायण सिंह, अबिंका सिंह, रघुनंदन झा, अरविंद कुमार आदि उपस्थित थे।