Important Posts

Advertisement

प्रश्नों के जारी उत्तर में खामियां आने से सुर्खियों में है जेएसएससी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी जेएसएससी एक बार फिर सुर्खियों में है. आयोग द्वारा ट्रेंड शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के प्रश्नों के जारी उत्तर में कई तरह की खामियां आने के बाद आयोग पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं.  छात्र नेता मनोज कुमार ने कहा है कि इस मामले को लेकर न्यायालय जाने से परीक्षा के परिणाम लटक जाएंगे.


हां, जेपीएससी के बाद अब जेएसएससी पर भी सवाल उठने लगे हैं. नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में रहने वाला आयोग इन दिनों परीक्षाओं में पूछे जा रहे प्रश्नों के हल जारी करने के बाद खुद फंसता नजर आ रहा है. पिछले वर्ष 29 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक कई चरणों में विभिन्न विषयों के ट्रेंड शिक्षकों के लिए आयोजित की गई परीक्षा के प्रश्नों का अंतिम उत्तर आयोग ने हाल ही में जारी किया है. इसमें कई प्रश्नों को रद्द कर दिया गया है. रद्द करने के पीछे आयोग ने प्रश्नों को गलत बताते हुए सभी अभ्यर्थियों को अंक देने की बात कही है. वहीं कई गलत प्रश्नों को आयोग ने सही मानते हुए छात्रों की अपील को ठुकरा दिया है.

आयोग द्वारा विभिन्न विषयों के प्रश्नों को रद्द किए जाने पर नजर दौड़ाएं तो ट्रेंड शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में विभिन्न विषयों में कुल 50 से अधिक प्रश्न रद्द किए गए हैं. ऐसे में नाराज छात्रों ने एक बार फिर सड़क से लेकर न्यायालय तक जाने की धमकी दी है. छात्र नेता मनोज कुमार ने कहा कि सभी को मालूम है कि पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण है. मगर आयोग ने 33.5 प्रतिशत को सही बता दिया. यह तो जेएसएससी की गलती है. उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा कि जेएसएससी गलती करे तो उस गलती को बच्चे क्यों भुगतें. उन्होंने कहा कि न्यायालय जाते ही यह मामला फंस जाएगा.  परीक्षा के दौरान पूछे जा रहे अटपटे प्रश्न और उनके गलत उत्तर को लेकर आयोग पर सवाल खड़े होते रहे हैं. ऐसे में ट्रेंड शिक्षक भर्ती परीक्षा में भी आयोग ने गलती दोहराकर कहीं न कहीं छात्रों की परेशानी बढ़ा दी है.

UPTET news

Photography