राष्ट्रीयशैक्षिक महासंघ झारखंड का सातवां प्रांतीय अधिवेशन बंदगांव के
करंजो स्थित सिदो-कान्हू शिक्षा निकेतन में शनिवार से शुरू हुआ। इस अधिवेशन
की शुरुआत शैक्षिक संघ के केंद्रीय नेताओं ने भारत माता की तस्वीर पर दीप
प्रज्ज्वलित कर किया।
तदोपरांत मुख्य अतिथि संघ के केंद्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने भारतीय शिक्षा नीति शिक्षकों के हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षक वेतन भत्ते पर चर्चा करने में ही परेशान हैं। ये हालात इसलिए उत्पन्न हुए हैं कि 70 सालों में देश में एक बेहतर शिक्षा नीति नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक महान हैं। लेकिन आज शिक्षक चौराहे पर खड़े हैं। शिक्षकों को सम्मान में कोई ब्यूरोक्रेटस नहीं देता है। शिक्षक घबड़ाए हुए हैं। शिक्षक समाज की सेवा करते हैं। समाज शिक्षक के लिए होना चाहिए। उन्होंने बताया कि झारखंड में भी शिक्षकों को शिक्षा कार्य से हटकर पशुगणना, जनगणना, चुनाव की ड्यूटी में लगाया जा रहा है, जो गलत है। अधिवेशन में अन्य वक्ताओं ने भी अपना विचार रखा। वहीं अधिवेशन के पहले दिन कार्यकारिणी समिति पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन वेदप्रकाश गुप्ता ने किया। अतिथियों का परिचय प्रांतीय मंत्री दशरथ प्रधान ने कराया।
कुमकुम टीका लगाकर किया गया स्वागत
अतिथियोंकार्यक्रम में आने वाले शिक्षकों का स्वागत भारतीय संस्कृति के अनुसार किया गया। पहले कुमकुम का टीका लगाकर अतिथियों को बैठाया गया। वहीं कार्यक्रम स्थल के चारोंओर सुंदर अल्पना रंगोली बनाई गई है।
तदोपरांत मुख्य अतिथि संघ के केंद्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने भारतीय शिक्षा नीति शिक्षकों के हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षक वेतन भत्ते पर चर्चा करने में ही परेशान हैं। ये हालात इसलिए उत्पन्न हुए हैं कि 70 सालों में देश में एक बेहतर शिक्षा नीति नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक महान हैं। लेकिन आज शिक्षक चौराहे पर खड़े हैं। शिक्षकों को सम्मान में कोई ब्यूरोक्रेटस नहीं देता है। शिक्षक घबड़ाए हुए हैं। शिक्षक समाज की सेवा करते हैं। समाज शिक्षक के लिए होना चाहिए। उन्होंने बताया कि झारखंड में भी शिक्षकों को शिक्षा कार्य से हटकर पशुगणना, जनगणना, चुनाव की ड्यूटी में लगाया जा रहा है, जो गलत है। अधिवेशन में अन्य वक्ताओं ने भी अपना विचार रखा। वहीं अधिवेशन के पहले दिन कार्यकारिणी समिति पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन वेदप्रकाश गुप्ता ने किया। अतिथियों का परिचय प्रांतीय मंत्री दशरथ प्रधान ने कराया।
कुमकुम टीका लगाकर किया गया स्वागत
अतिथियोंकार्यक्रम में आने वाले शिक्षकों का स्वागत भारतीय संस्कृति के अनुसार किया गया। पहले कुमकुम का टीका लगाकर अतिथियों को बैठाया गया। वहीं कार्यक्रम स्थल के चारोंओर सुंदर अल्पना रंगोली बनाई गई है।