रांची: स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव अाराधना पटनायक ने राज्य भर के
शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे 2017 की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में
फेल हुए 1.50 लाख से अधिक बच्चों को अगले वर्ष पास करायें. उन्होंने कहा
कि 2017 में मैट्रिक परीक्षाफल का प्रतिशत नहीं बढ़ा है, पर अनुत्तीर्ण रहे
छात्रों की संख्या बढ़ गयी. प्लस 2 विद्यालयों और इंटरमीडिएट के नतीजे दो
प्रतिशत कम हो गये हैं.
उन्होंने सभी विद्यालयों में फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड डिवीजन व फेल होनेवाले विद्यार्थियों की सूची बनाने काे कहा. फेल होनेवाले बच्चों को अधिक प्राथमिकता देने को कहा़ शिक्षा सचिव ने कहा कि निजी स्कूलों में कम वेतनमान पर भी मैट्रिक और प्लस-2 के नतीजे बेहतर हो रहे हैं. हमारे शिक्षकों को निजी स्कूलोंके शिक्षकों की तुलना में तीन गुना अधिक वेतन मिल रहा है, फिर भी नतीजे ठीक नहीं हो रहे हैं. जैक परिसर में आयोजित विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार व परीक्षाफल में सुधार पर आधारित कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती पटनायक ने यह बातें कही.
उन्होंने सभी विद्यालयों में फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड डिवीजन व फेल होनेवाले विद्यार्थियों की सूची बनाने काे कहा. फेल होनेवाले बच्चों को अधिक प्राथमिकता देने को कहा़ शिक्षा सचिव ने कहा कि निजी स्कूलों में कम वेतनमान पर भी मैट्रिक और प्लस-2 के नतीजे बेहतर हो रहे हैं. हमारे शिक्षकों को निजी स्कूलोंके शिक्षकों की तुलना में तीन गुना अधिक वेतन मिल रहा है, फिर भी नतीजे ठीक नहीं हो रहे हैं. जैक परिसर में आयोजित विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक सुधार व परीक्षाफल में सुधार पर आधारित कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रीमती पटनायक ने यह बातें कही.
500 शिक्षकों की बहाली इस माह के अंत तक
उन्होंने कहा कि हाई स्कूल शिक्षकों की बहाली में अभी छह माह और
लगेंगे. मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है. प्लस 2 विद्यालयों के लिए 500
शिक्षकों की बहाली इस माह के अंत तक पूरी कर ली जायेगी. उन्होंने कहा कि
सरकार की ओर से अपग्रेडेड विद्यालयों में 1779 अतिरिक्त शिक्षकों की
पदस्थापना की गयी है.
मॉडल सवाल के आधार पर बच्चों की तैयारी करायें
कार्यशाला में बताया गया कि सभी शिक्षक सरकार की ओर से तय मॉडल सवाल
के अाधार पर बच्चों की तैयारी करायें. उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रीय
माध्यमिक साक्षरता अभियान की ओर से अप्रैल और सितंबर में दसवीं की परीक्षा
होगी. दिसंबर में जैक की ओर से दूसरी बार परीक्षा ली जायेगी, जबकि मार्च के
पहले सप्ताह तक जैक बोर्ड की अंतिम परीक्षा ली जायेगी. उन्होंने कहा कि
जैक बोर्ड द्वारा घोषित नतीजों में फेल करनेवाले विद्यार्थियों पर ही
मीडियावाले भी हेडिंग लगाते हैं. इसलिए शिक्षकों की प्राथमिकता होनी चाहिए
कि कमजोर बच्चों को मैट्रिक पास करायें. सरकार की विशेष कक्षाओं का नतीजा
है कि बार मैट्रिक परीक्षा में 25 हजार ज्यादा बच्चों ने फर्स्ट डिविजन
लाया. कार्यशाला में जैक अध्यक्ष अरविंद सिंह, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक,
सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिलों के जिला शिक्षा अधीक्षक और
शिक्षक मौजूद थे.