गुमला : अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में शिक्षकों का
अनिश्चित कालीन धरना गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। ज्ञात हो कि गुमला
जिले के शिक्षक संगठन प्रोन्नति के लिए लंबे समय से आंदोलन करते रहे हैं।
अखिल झारखंड प्राथिमक शिक्षक संघ ने एक बार फिर आंदोलनात्मक रूख अख्तियार करते हुए बीते मंगलवार से धरना अनशन आरंभ किया। अध्यक्ष सुरंजन कुमार ने कहा कि उनकी लड़ाई आर पार की होगी। जब तक प्रोन्नति नहीं मिलेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। श्री कुमार ने कहा कि धरना अनशन के दबाव में विभाग सूची जारी की है जिसमें कई त्रुटियां है। उन्होंने कहा कि सूची का प्रकाशन अगस्त 2014 के आधार पर किया गया है जो प्राथिमक शिक्षक के प्रोन्नति की मूल भावना के खिलाफ है। वर्षवार ग्रेडेशन सूची ओर रोस्टर क्लियरेंस के आधार पर प्रोन्नति की मांग की है। धरना अशनशन में महासचिव रामचन्द्र खेरवार, छटन साहु, शशि शेखर प्रसाद ¨सहा, नागेश्वर साहु, उमेश कुमार वर्मा, अनूप देव खलखो,
संगठन महामंत्री लाल उरांव, उपाध्यक्ष हीरा पतिया उरांव, तनवीर आलम, अहसानुल हक, ग्राबिएल आइंद, हीरालाल साहु, मनोज बड़ाइक, सतीश प्रसाद साहु, अरजक जाहिद, शामिहद आलम, अनिमा रानी टोप्पो, सुशील कुमार, विपिन बिहारी झा, शंकर लाल गोप, सुषमा नाग, सुमति कुमारी, पूनम कुमारी टोप्पो, सतीश भगत, लाल उरांव आदि शामिल थे।
अखिल झारखंड प्राथिमक शिक्षक संघ ने एक बार फिर आंदोलनात्मक रूख अख्तियार करते हुए बीते मंगलवार से धरना अनशन आरंभ किया। अध्यक्ष सुरंजन कुमार ने कहा कि उनकी लड़ाई आर पार की होगी। जब तक प्रोन्नति नहीं मिलेगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। श्री कुमार ने कहा कि धरना अनशन के दबाव में विभाग सूची जारी की है जिसमें कई त्रुटियां है। उन्होंने कहा कि सूची का प्रकाशन अगस्त 2014 के आधार पर किया गया है जो प्राथिमक शिक्षक के प्रोन्नति की मूल भावना के खिलाफ है। वर्षवार ग्रेडेशन सूची ओर रोस्टर क्लियरेंस के आधार पर प्रोन्नति की मांग की है। धरना अशनशन में महासचिव रामचन्द्र खेरवार, छटन साहु, शशि शेखर प्रसाद ¨सहा, नागेश्वर साहु, उमेश कुमार वर्मा, अनूप देव खलखो,
संगठन महामंत्री लाल उरांव, उपाध्यक्ष हीरा पतिया उरांव, तनवीर आलम, अहसानुल हक, ग्राबिएल आइंद, हीरालाल साहु, मनोज बड़ाइक, सतीश प्रसाद साहु, अरजक जाहिद, शामिहद आलम, अनिमा रानी टोप्पो, सुशील कुमार, विपिन बिहारी झा, शंकर लाल गोप, सुषमा नाग, सुमति कुमारी, पूनम कुमारी टोप्पो, सतीश भगत, लाल उरांव आदि शामिल थे।