भास्करन्यूज | मेदिनीनगर जिलास्कूल प्रशाल में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विद्यालयों के मूल्यांकन को लेकर शाला सिद्धि कार्यक्रम के तहत आयोजित इस
प्रशिक्षण में जिले के बीईईओ, बीपीओ तथा एक-एक बीआरपी-सीआरपी और परिवर्तन
दल के सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएसई अरविंद कुमार ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए फॉर्मेट के आधार पर स्कूल के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध करानी है। यह जानकारी ऑनलाइन होगी, जिसे शिक्षक भरकर देंगे। इसके आधार पर विद्यालय का अपना एक आईडी होगा। राज्य से आए प्रतिनिधि रोहित कुमार के अलावा राम प्रकाश शर्मा, अजय कुमार सिंह, हरिद्वारा मेहता तथा सरोज कुमार आजाद मास्टर ट्रेनर के रूप में मौजूद थे। इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोग सभी प्रखंडों में जाकर स्व मूल्यांकन के फार्म को भरने का प्रशिक्षण देंगे। इस अवसर पर एडीपीओ संजय कापरी, बीईईओ अरविंदा कुमारी, जगन्नाथ सिंह, जवाहर प्रसाद, मुकुंद मरांडी, एपीओ चंद्रदीप राम, राजीव चौबे, धर्मेंद्र उरांव, जितेंद्र कुमार, ओमप्रकाश आदि मौजूद थे।
जिलेमें हैं 2595 स्कूल
विद्यालयोंके स्वयं मूल्यांकन को लेकर शुरू किए गए इस प्रशिक्षण के बाद सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। इसके तहत जिले के सभी 2595 स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका असर करीब 4,15,000 बच्चों पर होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन डीएसई अरविंद कुमार ने किया। मौके पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए फॉर्मेट के आधार पर स्कूल के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध करानी है। यह जानकारी ऑनलाइन होगी, जिसे शिक्षक भरकर देंगे। इसके आधार पर विद्यालय का अपना एक आईडी होगा। राज्य से आए प्रतिनिधि रोहित कुमार के अलावा राम प्रकाश शर्मा, अजय कुमार सिंह, हरिद्वारा मेहता तथा सरोज कुमार आजाद मास्टर ट्रेनर के रूप में मौजूद थे। इसके बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोग सभी प्रखंडों में जाकर स्व मूल्यांकन के फार्म को भरने का प्रशिक्षण देंगे। इस अवसर पर एडीपीओ संजय कापरी, बीईईओ अरविंदा कुमारी, जगन्नाथ सिंह, जवाहर प्रसाद, मुकुंद मरांडी, एपीओ चंद्रदीप राम, राजीव चौबे, धर्मेंद्र उरांव, जितेंद्र कुमार, ओमप्रकाश आदि मौजूद थे।
जिलेमें हैं 2595 स्कूल
विद्यालयोंके स्वयं मूल्यांकन को लेकर शुरू किए गए इस प्रशिक्षण के बाद सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। इसके तहत जिले के सभी 2595 स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका असर करीब 4,15,000 बच्चों पर होगा।