रांची: झारखंड के रामगढ़ जिले में एक ऐसे शख्स हैं जिन्हें बेकार पड़ी लकड़ियों में जान फूंकने की हुनर बचपन के दिनों से मिली है। आज उन्हें रिटायर हुए लगभग दस साल होने जा रहे हैं लेकिन उनके अंदर का कलाकार बिल्कुल युवा है। हम बात कर रहे हैं एक सेवानिवृत्त शिक्षक और कलाकार अनिल कुमार मिश्रा की। अनिल कुमार मिश्रा एक निजी विद्यालय से वर्ष 2014 में रिटायर हो गए हैं। लेकिन अनिल कुमार मिश्रा के अंदर जो पेंसिल चित्रकार और काष्ठ कलाकार छुपा है वह आज भी नौजवान है।