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Jharkhand Jobs: झारखंड के युवा ध्यान दें, राज्य में जल्द होगी आठ हजार सरकारी नौकरी और 60,803 शिक्षकों की बहाली

 रांची, राज्य ब्यूरो। Jobs in Jharkhand झारखंड में विभिन्न स्तर पर सरकारी विभागों में कर्मियों की कमी के बाद रिक्तियों का आकलन लगातार किया जा रहा है और अब तक लगभग आठ हजार नियुक्तियों का मार्ग प्रशस्त हो गया है। स्नातक स्तरीय विभिन्न नौकरियों के लिए अधियाचनाएं भेजने के बाद कार्मिक विभाग एलडीसी की नियुक्ति के लिए अधियाचनाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।

पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा, फिर सफल लोगों की होगी लिखित परीक्षा

दूसरी ओर, गृह विभाग में कई पदों के लिए नियमावली तेजी से बनाई जा रही है। पूर्व में बनी नियमावलियों में झारखंड से मैट्रिक और इंटर पास होने के प्रविधान को शामिल करने के साथ-साथ इस बात को भी जोड़ दिया जा रहा है कि तमाम परीक्षाओं में पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी और इसमें सफल लोगों को लिखित परीक्षा के बाद नियुक्ति होगी। इस फैसले के कारण कई नियमावलियों को संशोधित किया जा रहा है। इस बीच कई विभागों से संबंधित पांच दर्जन के करीब नियमावलियां भी कैबिनेट से स्वीकृत हो चुकी हैं।

झारखंड से मैट्रिक व इंटर पास होना अनिवार्य

झारखंड में विभिन्न स्तर पर नौकरियों में बहाली से लेकर प्रोन्नति तक के लिए डेढ़ सौ के करीब नियमावलियां पहले से बनी हुई हैं और इन्हें संशोधित करने की प्रक्रिया चल रही है। ज्ञात हो कि झारखंड कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि झारखंड में नौकरी उन्हीं लोगों को दी जाएगी जो इसी प्रदेश से मैट्रिक व इंटर पास किए हों। राज्य में बहरहाल 80 हजार के करीब सरकारी पद रिक्त हैं जिनके लिए बहाली की प्रक्रिया शुरू है।

राज्य में सृजित होंगे शिक्षकों के 60,803 नए पद, मंत्री ने दी स्वीकृति

झारखंड के सरकारी स्कूलों में 60,803 नए पद सृजित होंगे। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मंगलवार को ही उन्होंने विभाग को फाइल भेजकर पद सृजन की अन्य प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, 60,803 नए पदों में प्राथमिक शिक्षकों के 30,440 मध्य विद्यालयों के 29,175 तथा उच्च प्राथमिक स्कूलों के 1,188 पद शामिल हैं।

पंचायत चुनाव के बाद नियुक्ति प्रक्रिया होगी तेज

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के बाद शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। राज्य गठन के बाद यहां शिक्षकों के नए पद सृजित नहीं हुए थे। शिक्षकों के बिना स्कूलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं हो सकता।

बता दें कि शिक्षकों के पद सृजन का प्रस्ताव इससे पहले प्रशासकीय पदवर्ग समिति को भेजा गया था, लेकिन समिति ने पदों की संख्या कम करने का सुझाव स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया था। अब समिति को दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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