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कैसे बनाएं रिजल्ट, शिक्षकों को ई पास के लिए विकल्प नहीं

 धनबाद मुख्य संवाददाता

जिले के अंदर भी रविवार से निजी वाहन कार/ बाइक से एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ई-पास की जरूरत है। ई-पास की अनिवार्यता ने सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों व कर्मियों को परेशान कर दिया है। सीबीएसई के

निर्देशानुसार स्कूलों को निर्धारित शिड्यूल के अनुसार मार्क्स अपलोड करने की विभिन्न प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके लिए कार्यालय के कर्मियों व अधिकारियों तथा मार्क्स कमेटी के सदस्यों को स्कूल जाना जरूरी है। शुक्रवार को जब शिक्षकों ने ई-पास के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की तो पता चला कि स्कूल के लिए ई-पास जारी नहीं हो रहा है। उसमें स्कूल का विकल्प नहीं है। इस कारण स्कूल कर्मी व शिक्षक ई-पास के लिए के ऑनलाइन आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

ऑनलाइन छोड़कर ई-पास के लिए आवेदन करने का अन्य कोई विकल्प नहीं है। इस कारण शिक्षक व कर्मी परेशान हैं। क्योंकि सरकार के निर्देश के अनुसार बीमार व्यक्ति का इलाज व अंतिम संस्कार को छोड़ कर अन्य किसी भी काम के लिए घर से निजी वाहन से निकलने पर ई-पास जरूरी है। स्कूल के कार्यालय कर्मियों व मार्क्स कमेटी के शिक्षकों का कहना है कि हमलोगों को 20 मई को मार्क्स अपलोड, 25 मई को मार्क्स का फाइनेलाइजेशन, 28 को चेकिंग एंड मॉडरेशन, 5 जून को सीबीएसई को सबमिट तथा 11 जून को इंटरनल मार्क्स भेजना है। मामले की जानकारी कई प्राचार्यों से जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों को दी है। कई स्कूलों के प्राचार्यों व कर्मियों ने विभिन्न अधिकारियों से फोन पर बात की है। सभी को उम्मीद है कि बच्चों का भविष्य देखते हुए हमलोगों को सड़क पर प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी व पुलिसकर्मी अपने स्कूल का आई कार्ड व पहचान पत्र देखकर स्कूल जाने की अनुमति देंगे।

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