Important Posts

Advertisement

झारखंड नियोजन नीति : SC के फैसले का इंतजार, नौकरी बचेगी या बेकसूर 14,338 युवाओं की मेहनत हो जायेगी बेकार

 Ranchi : झारखंड सरकार की नियोजन नीति को रद्द करने के झारखंड हाई कोर्ट के फैसले पर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया था. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अब चार नवंबर को सुनवाई करनेवाला है. ऐसे में झारखंड के उन 14,338 अभ्यर्थियों की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टकटकी लगायी हुई हैं, जिनकी नियुक्ति झारखंड सरकार की उसी नियोजन नीति के आधार पर हुई थी, जिसका अस्तित्व अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर है.

बता दें कि वर्ष 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्ववाली झारखंड सरकार ने नियोजन नीति बनायी थी. उसके बाद इसी नियोजन नीति के आधार पर राज्य में 14,338 अभ्यर्थियों की अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां हुईं. बाद में इस नियोजन नीति और इसके तहत हुईं नियुक्तियों को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी गयी. सोनी कुमारी बनाम झारखंड सरकार के मामले का हवाला देते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने सरकार की इस नियोजन नीति को रद्द कर दिया. हाई कोर्ट द्वारा इस नियोजन नीति को रद्द किये जाने से वे सभी नियुक्तियां भी प्रभावित हो गयीं, जो इस नियोजन नीति के आधार पर हुई थीं. इससे प्रभावित लोगों ने इस जजमेंट को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.


इन पदों पर हुईं नियुक्तियां

वन आरक्षी : जेएसएससी की ओर से वन आरक्षी के 2204 पदों में नियुक्ति के लिए 2017 में विज्ञापन जारी किया गया था. अंतिम चरण की नियुक्ति प्रक्रिया के बाद 2188 लोगों की नियुक्ति की अनुशंसा की गयी. अंतिम रूप से नियुक्ति 2184 लोगों की हुई.

रेडियो ऑपरेटर : झारखंड पुलिस में रेडियो ऑपरेटर के 692 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. इसमें महिला के लिए 229 और पुरुष के लिए 463 पद थे. अंतिम परिणाम के बाद 646 उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई. इसमें जेनरल कैटेगरी में 217 पुरुष और 115 महिलाएं, एसटी में 113 पुरुष और 59 महिलाएं, एससी में 35 पुरुष और 23 महिलाएं, बीसी-1 में 33 पुरुष और 18 महिलाएं, बीसी-2 में 23 पुरुष और एक महिला की नियुक्ति हुई है.

पुलिस अवर निरीक्षक : झारखंड पुलिस में 3019 दारोगा की नियुक्ति के लिए 2016 में विज्ञापन जारी किया गया. लिखित परीक्षा सहित अन्य नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम रूप से 2504 सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति हुई. इसमें 2296 पुरुष और 210 महिला उम्मीदवारों की नियुक्तियां हुईं. 3019 पद में से 2483 जिला पुलिस, 488 स्पेशल ब्रांच और 48 सार्जेंट की नियुक्ति हुई.

हाई स्कूल शिक्षक : राज्य के हाई स्कूलों में 17,572 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए जेएसएससी ने 2016 में विज्ञापन जारी किया था. इस नियुक्ति के लिए एक लाख 10 हजार आवेदन आये थे. इनमें से जेएसएससी ने 9000 से अधिक सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुशंसा शिक्षा विभाग को की है.

क्या कहती है झारखंड की नियोजन नीति

झारखंड सरकार की अधिसूचना संख्या 5393, दिनांक 14 जुलाई 2016 में कहा गया है कि झारखंड के 13 अनुसूचित जिलों में होनेवाली थर्ड और फोर्थ ग्रेड नियुक्तियां उक्त जिलों के पिछड़ेपन को देखते हुए 10 वर्षों तक स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रहेंगी. वहीं, 11 गैर अनुसूचित जिलों में होनेवाली नियुक्तियों के लिए झारखंड के अनुसूचित जिलों के लोगों सहित देश के किसी भी हिस्से के योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं.

ये हैं राज्य के 13 अनुसूचित जिले

रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लातेहार, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और साहेबगंज.

ये हैं राज्य के 11 गैरअनुसूचित जिले

पलामू, गढ़वा, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, गोड्डा और देवघर.

UPTET news

Photography