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उर्दू शिक्षकों को ईद के फीकी होने की सता रही चिंता, तीन माह से नहीं हुआ है भुगतान

  • Jamtara : तीन माह हो गए उर्दू शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. इस बार ईद में भी शिक्षकों को वेतन मिलेगा, इसमें शक है. इसे लेकर शिक्षकों में चिंता है. एक तो कोरोना की मार ऊपर से तीन तीन महीने से शिक्षको को वेतन नहीं मिलने से परेशानी बढ़ गयी है.

    बता दें कि उर्दू योजना मद में कार्यरत प्राथमिक उर्दू शिक्षकों के वेतन आवंटन के अभाव में 3 महीने से वेतन भुगतान झारखंड के किसी भी जिला में नहीं हो सका है. पूरे राज्य में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 800 उर्दू शिक्षक एवं शिक्षिकाएं योजना मद में नियुक्त होकर 2015 से कार्य कर रहे हैं.
    जब से झारखंड में उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति योजना मद में हुई है, तब से आवंटन की समस्या बनी रहती है. आवंटन समस्या को योजना मद में काफी पेचीदा दौर से गुजरना पड़ता है, जिसके कारण इसमें महीनों गुजर जाते हैं.

    झारखंड राज्य उर्दू प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य उपाध्यक्ष क़ोरेश अंसारी एवं शहीद अंसारी ने कहा कि गैर योजना में कार्यरत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के हिंदी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का वेतन प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने जिलों में भेज दिया है. राज्य सरकार ने उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का वेतन आवंटन गैर योजना मद में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के पत्रांक 8 दिनांक 22 अप्रैल 2021 द्वारा एक अरब 10 करोड़ 69 लाख 16 हजार भेज दिया गया है.

    प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हिंदी शिक्षकों को गैर योजना मद में होने के कारण वेतन समय पर मिलता रहता है. परंतु योजना मद में कार्यरत उर्दू शिक्षकों को रमजान जैसे महीना में भी आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. कहा मुस्लिमों के प्रसिद्ध त्योहार ईद-उल-फितर काफी नजदीक आ गया है. ऐसे में ईद फीकी गुजरने का डर झारखंड के उर्दू शिक्षकों को सता रहा है.

    उर्दू शिक्षक संघ ने राज्य सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन से यथाशीघ्र योजना मद में आवंटन दिलाने की मांग की है. झारखंड में कार्यरत प्राथमिक उर्दू शिक्षकों को गैर योजना मद में सामंजन करने की भी मांग संघ ने की है. इस मौके पर उर्दू शिक्षक सलीम अंसारी, नसरुल्लाह अंसारी मौजूद थे .

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