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चेतावनी के बाद भी हड़ताल पर गए पारा शिक्षक, घरों में नहीं जले चूल्‍हे

जागरण संवाददाता, धनबाद: स्थायीकरण, छत्तीसगढ़ के समान मानदेय समेत अन्य मांगें पूरी नहीं होने पर पारा शिक्षकों का अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। सरकार की चेतावनी के बाद भी मंगलवार को पारा शिक्षक हड़ताल पर रहे। सिर्फ हड़ताल ही नहीं बल्कि 2768 पारा शिक्षकों के यहां चूल्हा नहीं जला।

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अश्विनी कुमार सिंह, उपाध्यक्ष अशोक चक्रवर्ती, सचिव सिददीक शेख समेत सभी पारा शिक्षकों के घरों में खाना नहीं बना। जिले में कार्यरत कुल 2869 पारा शिक्षकों में से 2768 पारा शिक्षक हड़ताल पर रहे। पढ़ाई बाधित होने को गंभीरता से लेते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना धनबाद ने जिले भर में 560 नियमित शिक्षकों का प्रतिनियोजन किया है। जिस प्रखंड के पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं, वहां उसी प्रखंड के शिक्षकों का प्रतिनियोजन किया गया है।

गोविंदपुर में सबसे अधिक प्रतिनियोजन: सबसे अधिक गोविंदपुर प्रखंड में 142 शिक्षकों का प्रतिनियोजन किया गया है। हालांकि नियमित शिक्षकों ने प्रतिनियोजन का विरोध करते हुए संबंधित स्कूलों में योगदान नहीं दिया। हड़ताल का सबसे अधिक असर नया प्राथमिक विद्यालयों में दिखा। 645 नया प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह से पारा शिक्षकों के भरोसे है। सबसे अधिक गोविंदपुर प्रखंड में 594 पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं। टुंडी में कार्यरत 360 में से 359 और पूर्वी टुंडी में 169 में से 167 पारा शिक्षक सोमवार को हड़ताल रहे। इसकी वजह से लगभग सवा दो लाख से अधिक बच्चे प्राथमिक शिक्षा और मध्याह्न भोजन दोनों से वंचित रहे।

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