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पारा शिक्षकों ने स्थापना दिवस का विरोध किया, तो अगले ही दिन होंगे बर्खास्त

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पारा शिक्षकों को कड़ी चेतावनी दी है। कहा है कि 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के दिन पारा शिक्षकों और अन्य संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है स्थापना दिवस पूरे राज्य और यहां रहने वालों के लिए गौरव का दिन है। उस दिन किसी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थापना दिवस के दिन कोई बाधा उत्पन्न करता है, तो इसे राज्य का अपमान माना जाएगा। वैसे लोगों को चिन्हित कर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्हें अगले दिन से ही बर्खास्त कर दिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन की वीडियोग्राफी कराने के साथ-साथ अन्य माध्यमों से भी इसकी जानकारी ली जाएगी। वे सोमवार को झारखंड मंत्रालय में स्थापना दिवस समारोह की तैयारी की समीक्षा कर रहे थे।

डीएफ घोषित होगा झारखंड
स्थापना दिवस के मौके पर झारखंड को पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त करने की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा भवन निर्माण विभाग द्वारा 1000 करोड़ रुपए के निर्माण परियोजना  का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा। झारखंड सम्मान समारोह के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 लोगों को सम्मानित किया जाएगा। राजस्व विभाग में राजस्व कर्मचारियों, अमीन और नव चयनित शिक्षकों के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया जाएगा। बैंकों द्वारा मुद्रा लोन व विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच लगभग दो हजार करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा। झारखंड स्टेट लाइव हुड प्रमोशन सोसाइटी के अंतर्गत महिला लाभुकों के बीच मुर्गी पालन के लिए अनुदान राशि का वितरण भी किया जाएगा।

चार जिले पूर्ण विद्युतीकृत होंगे
कोडरमा, देवघर, हजारीबाग व लोहरदगा को पूर्ण विद्युतीकरण जिला घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चारों जिले में अलग से कार्यक्रम कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा की स्थापना दिवस पूरे राज्य का कार्यक्रम है। इसमें सभी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। यह कोई दल या वर्ग का उत्सव नहीं बल्कि झारखंड के अलग होने के 18 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव है। बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत राज्य सरकार के आला अधिकारी मौजूद थे।


सरकार ने मांग मानी तो स्वागत अन्यथा काला झंडा दिखाकर करेंगे विरोध: संघर्ष मोर्चा
इधर, झारखंड एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संजय दुबे ने कहा कि 67 हजार पारा शिक्षकों की सेवा नियमित करने की मांग को लेकर शिक्षक स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। वहां सरकार ने इन्हें नियमित करने की घोषणा की तो इसका स्वागत किया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर काला झंडा दिखाकर विरोध जताया जाएगा। सरकार की धमकी से वे डरने वाले नहीं हैं। मोर्चा के बिनोद बिहारी महतो, हृषिकेश पाठक, बजरंग प्रसाद, सिंटू  सिंह, मोहन मंडल, नरोत्तम सिंह मुंडा, दशरथ ठाकुर ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई लेबल कमेटी बनी थी, लेकिन पारा शिक्षकों को नियमित नहीं किया गया। इससे पारा शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। संजय दुबे ने बताया कि जमशेदपुर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय के पारा शिक्षक सुमित तिवारी को सोमवार को गिरफ्तार कर बेरमो थाने में रखा गया है। संघर्ष मोर्चा ने मानदेय में बहुत कम रुपए बढ़ाए जाने का विरोध किया है। कहा है कि अपग्रेड मिडिल स्कूल के पारा शिक्षकों को 356 रुपए बढ़ाए गए हैं। वहीं, प्राथमिक स्कूल में पढ़ा रहे पारा शिक्षकों को 234 रुपए बढ़ाए गए हैं। संघर्ष मोर्चा के राज्य व जिला कमेटी के सदस्यों के गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है। इसे पारा शिक्षकों ने लोकतंत्र की हत्या बताया है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री से कार्रवाई स्थगित करते हुए पारा शिक्षकों के डिमांड पर निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

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