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टकराव: पारा शिक्षक रहेंगे या जाएंगे, आज होगा फैसला

राज्य के पारा शिक्षक और सरकार दोनों अपने-अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। पारा शिक्षकों को 20 नवंबर तक काम पर लौटने की जो मोहलत दी गई थी, उसकी मियाद मंगलवार को पूरी हो रही है। अब सरकार को नीतिगत फैसला लेना है।
पारा शिक्षक अगर 20 नवंबर तक योगदान नहीं करते हैं तो उन्हें हटाने की कार्रवाई के साथ स्कूलों में सेवानिवृत्त शिक्षकों, टेट पास अभ्यर्थी और बीएड-डीएलएड कर रहे छात्र-छात्राओं को तैनात किया जाएगा। उधर, पारा शिक्षक संघ ने साफ किया है कि वे सरकार के दबाव में नहीं आएंगे। मंगलवार से पारा शिक्षक परिवार संग अपने थाना क्षेत्र में जेल भरो अभियान के तहत गिरफ्तारी देंगे। उधर, पारा शिक्षकों की हड़ताल पर मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि पत्थर फेंकने वाले शिक्षक नहीं गुंडे हैं। इस बीच सूत्रों के अनुसार बातचीत से भी समस्या का समाधान निकालने के प्रयास हो रहे हैं।
जिलों को सौंपी गई बीएड-डीएलएड छात्रों की सूची : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश के बाद झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों को बीएड-डीएलएड कर रहे छात्र-छात्राओं की सूची सौंप दी है। जिलों में सेवानिवृत्त शिक्षकों की सूची  तैयार है और टेट पास अभ्यर्थियों की लिस्ट भी मंगलवार तक उपलब्ध करा दी जाएगी। डीईओ पारा शिक्षकों के योगदान नहीं करने पर 22 नवंबर से इनकी तैनाती स्कूलों में कर सकेंगे। क्लास एक से पांच में पढ़ाने पर रोजाना 200 और कक्षा छह से आठ में पढ़ाने पर 250 रुपये दिए जाएंगे।
परिवार के साथ देंगे गिरफ्तारी : एकीकृत पारा शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक विनोद बिहारी महतो ने कहा कि मंगलवार से पारा शिक्षक परिवार संग गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने सीएम के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उनलोगों को गिरफ्तार कर हमेशा के लिए जेल में ही रख लें, कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन शिक्षक को गुंडा कहना  उचित नहीं है।

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