लोहरदगा : वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा सदस्य और इंटर
शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव अर¨वद कुमार ¨सह ने
लोहरदगा एमएलए महिला कॉलेज सहित कई शिक्षण संस्थानों का दौरा कर शिक्षकों
के साथ बैठक की।
इसमें सरकार द्वारा अनुदान में कटौती के मुद्दे पर आक्रोश
जताते हुए पांच अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव का निर्णय लिया गया।
शिक्षक शिक्षकेतर कर्मी प्रधानमंत्री, भाजपा के केंद्रीय अध्यक्ष,
केंद्रीय शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवास का घेराव
करेंगे। ¨सह ने कहा कि झारखंड के 20 हजार शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मी सरकार के
अन्याय के खिलाफ आंदोलन में खड़े होंगे। आगामी चुनाव में सरकार के खिलाफ
प्रचार-प्रसार भी करेंगे। सभी शिक्षण संस्थानों ने अनुदान नहीं लेने का
निर्णय किया है। अनुदान नियमावली के मुताबिक 85 करोड़ का अनुदान दिया जाना
था। विभागीय सचिव की मनमानी के कारण इसे घटाकर 42 करोड़ भेजा गया है। अनुदान
के पहले जांच होती है फिर इसके बाद जांच का क्या औचित्य है। भ्रष्टाचार को
बढ़ावा देने का एक जरिया है। अधिकारी की मनमानी की वजह से ही वित्तीय वर्ष
2017-18 का अनुदान लैप्स हो गया था। मुख्यमंत्री के पीत पत्र को भी
अधिकारी महत्व नहीं दे रहे। पूरे राज्य के वित्त रहित शिक्षण संस्थान हर
साल चार लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करते हैं।
जब समान कार्य के लिए समान वेतन कानून है तो वित्त रहित शिक्षण संस्थानों
के कर्मियों के साथ अन्याय क्यों। बैठक में ¨प्रसिपल प्रो. शमीमा खातून,
डॉ. शशिप्रभा अग्रवाल, राजकिशोर प्रसाद, मंजू खत्री, गीता प्रसाद, मधुबाला
अग्रवाल, शशि कुमारी गुप्ता, टाना भगत इंटर कॉलेज घाघरा के शिक्षक व मोर्चा
के उपाध्यक्ष अरशद मोमिन मौके पर मौजूद थे।