गोड्डा : युक्तिकरण के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए तैयार की गई
सूची (पीटीआर) में अनियमितता की बात दैनिक जागरण में प्रकाशित होने के बाद
जिला प्रशासन एक बार फिर हरकत में आया है।
डीआरडीए निदेशक अरुण कुमार एक्का
ने रविवार रात्रि पत्र निर्गत कर जिला शिक्षा अधीक्षक जितेंद्र कुमार को
सही विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। अपने पत्र में डीआरडीए निदेशक ने कहा है
कि 29 सितंबर को हुई काउंसिलिंगके बाद कई तरह की आपत्तियां मिली है जिनका
सत्यापन करना जरूरी है। इसलिए शिक्षकों की उपलब्ध विवरणी को सत्यापित करके
सही डाटा कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इसमें शिक्षकों की जन्म तिथि, नियुक्ति
की तिथि, वर्तमान विद्यालय में पदस्थापन की तिथि व अन्य जानकारी हो।
डीआरडीए निदेशक ने डीएसई को स्पष्ट कहा है कि आगे किसी प्रकार की विसंगति
पाई जाती है तो युक्तिकरण की प्रक्रिया में लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता पर
अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। उल्लेखनीय हो कि शनिवार को डीडीसी
के नेतृत्व में डीआरडीए सभागार में शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए
काउंसि¨लग की गई। काउंस¨लग के पूर्व जारी सूची (पीटीआर) में कई अनियमितता
की बात सामने आई। सूची में वर्षों से जमे शिक्षकों को विद्यालय में
सुरक्षित छोड़ दिया गया जबकि, दो चार वर्ष पूर्व विद्यालय में योगदान
करनेवाली शिक्षिकाओं को स्थानांतरण के लिए तैयार अतिरिक्त शिक्षकों की सूची
में जोर दिया गया। इसको जागरण ने रविवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित
किया। इसके बाद जिला प्रशासन ने दोबारा सूची दुरुस्त कर उपलब्ध कराने को
निर्देश दिया है।
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इनसेट : दूसरे प्रखंड के शिक्षकों का हो स्थानांतरण
जागरण संवाददाता, गोड्डा : झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष
सज्जाद अहमद फैज तथा महासचिव देवनंदन साह ने कहा है कि गोड्डा प्रखंड में
कार्यरत दूसरे प्रखंड के शिक्षकों को उनके मूल प्रखंड में पदस्थापित किया
जाए। कहा कि गोड्डा प्रखंड में दूसरे प्रखंड के 193 शिक्षक कार्यरत हैं।
इधर जब प्रशासन द्वारा गोड्डा प्रखंड की शिक्षिकाओं की काउंसि¨लग की जा रही
थी तो केवल 58 वरीय शिक्षिका को ही स्थान मिल पाया। अब भी गोड्डा की 13
महिलाओं की काउंस¨लग बाकी है। उन्हें किसी भी शर्त पर गोड्डा प्रखंड से
बाहर पदस्थापित नहीं किया जाए। गोड्डा के शिक्षकों का भी काउंस¨लग बाकी है।
ऐसी हालत में जब सरकार यथासंभव गृह प्रखंड में पदस्थापित करने का आदेश दे
रखी है, तो इसका पालन जरूर होना चाहिए। शिक्षक संघ के नेता मनोज यादव का
कहना है कि शिक्षकों के सर्विंस बुक में गृह प्रखंड का जो पता अंकित है,
वही मान्य होता है। गोड्डा प्रखंड में दूसरे जिले के भी बहुत सारे शिक्षक
कार्यरत हैं। नियमानुसार उनके गृह पता के नजदीक प्रखंडों में उसे
पदास्थापित करने का आदेश है पर सभी गोड्डा में ही कुंडली मारकर बैठे हैं।
अब जब गोड्डा प्रखंड के शिक्षकों को अन्य प्रखंडों में भेजा जा रहा है तो
ऐसी हालत में वह अपने गृह प्रखंड में पदस्थापित करने की मांग करते हैं तो
कौन सा गुनाह कर रहे हैं।