हजारीबाग : शिक्षक संगठनों ने डीएसई के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
बकायदा डीएसई का कारनामा उपायुक्त, आरडीडी, मानव संसाधन विकास विभाग और
मुख्यमंत्री कोषांग को भी भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
कहा पहले शिक्षक
हटाया और फिर दूसरे जगह से लाकर पदस्थापन कर दिया मध्य विद्यालय कपका
बरकट्ठा में पहले विद्यालय से छात्र अनुपात का हवाला देकर शिक्षकों को
हटाया गया। बाद में दूसरे स्थान से शिक्षकों को उसी विद्यालय में
प्रतिनियुक्त भी कर दिया गया। रिक्ति के विपरित कर दी शिक्षकों की
प्रतिनियुक्ति
उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंगूरा इचाक सहित करीब एक दर्जन ऐसे विद्यालय
है, जहां विभाग ने रिक्ति के विपरित जाकर शिक्षकों को नियुक्ति कर दी। यहां
एक सरकारी और दो पारा शिक्षकों का रिक्ति है। लेकिन विभाग की ओर से यहां
एक सरकारी और तीन पारा शिक्षक का पदस्थापन कर दिया। 3. 1- 5 छात्र - शिक्षक
अनुपात का नहीं हुआ पालन
जिले में ऐसे कई विद्यालय है जहां निर्धारित छात्र अनुपात 1-5,में 32
है। लेकिन विभाग ने अपने लोगों को सेट करने के लिए उत्क्रमित मध्य विद्यालय
डहरभंगा में नामांकित छात्रों की संख्या 29 है लेकिन यहां एक सरकारी और दो
कार्यरत पारा शिक्षकों को यथावत रखा गया।
मवि सरौनी में रिक्तियां बनाकर शिक्षकों का पदस्थापन
डीएसई ने युकतिकरण को लेकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की। पहले विद्यालयों
में रिक्तियां दिखाई गई, फिर बदल दी गई। जहां रिक्तियां नहीं थी वहां भी
शिक्षकों का पदस्थापन कर दिया। इनमें मध्य विद्यालय डुमर सरौनी है। जहां
नामांकित 418 छात्र के विरुद्ध 17 शिक्षक निर्धारित है। यहां नियमानुसार
तीन शिक्षकों को हटाना था। लेकिन यहां एक अन्य शिक्षक को पदस्थापित कर दी
गई।
मुख्यालय ने चिह्नित किए 238 स्कूल, डीएसई ने 1457 में कर दी युक्तिकरण
राज्य मुख्यालय से जिले में 238 स्कूलों को युक्तिकरण का निर्देश जारी
किया गया था। लेकिन डीएसई ने जिले में 1457 स्कूलों में युक्तिकरण लागू कर
दिया। इस माध्यम से बड़े पैमाने पर पैसे का खेल कर अपने हिसाब से शिक्षकों
का पदस्थापन किया गया।