स्थायीकरण की मांग को लेकर गुरुवार की शाम घाटशिला अनुमंडल के पारा शिक्षक
संघ की ओर से मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल पारा शिक्षकों ने
रघुवर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस के पूर्व मऊभंडार
अांबेडकर चौक पर सभा का भी आयोजन किया गया।
मौके पर संघ के अध्यक्ष हिमांशु
महतो ने कहा कि रघुवर सरकार में पारा शिक्षकों का सबसे ज्यादा शोषण हो रहा
है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड के पारा शिक्षकों को भी स्थायी
करने की बात कही। उन्होंने ई विद्या वाहिनी के तहत बायोमैट्रिक मशीन से
होने वाली हाजिरी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब तक पारा शिक्षकों
को स्थायी नहीं किया जाता है तब तक उन्हें बायोमैट्रिक मशीन के तहत हाजिरी
करने को बाध्य नहीं किया जा सकता। राज्य में करीब 68 हजार तथा जिले में 22
सौ पारा शिक्षक कार्यरत हैं। यदि समय रहते पारा शिक्षकों को स्थायी नहीं
किया गया तो चुनाव का संघ विरोध करेगा। सभा के बाद पारा शिक्षकों ने डॉ
भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही आंबेडकर चौक से घाटशिला
रेलवे स्टेशन तक मशाल जुलूस निकाल अपनी मांगों के समर्थन मेंं सरकार के
खिलाफ नारेबाजी की।
मशाल जुलूस में ये थे शामिल
पारा शिक्षक संघ की ओर से निकाले गए मशाल जुलूस में हिमांशु महतो,
खगेंद्रनाथ भकत, नंदन कुमार सिंहदेव, रंटू ओझा, रायसेन टुडू, सत्यनाथ,
पंकज राय, चन्दन भकत, धरती मार्डी, हेमंत गिरि, निरंजन पातर, कोंदा हो,
शुकुरमुनि मार्डी, लक्ष्मी मार्डी, गौरांगो महतो, शिवचरण षाड़ंगी, महावीर
भकत, लक्ष्मी हांसदा, शोभारानी भकत, मनेंद्रनाथ भकत, डब्लू ओझा, चुनीलाल
दास, सुब्रतो आदित्य समेत कई शामिल थे।