Ranchi: रांची लोकसभा संसदीय सीट के बीजेपी सांसद रामटहल चौधरी ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास को अवगत कराते हुए कहा है कि पारा शिक्षकों का पदस्थापन उनके गृह प्रखंड में नहीं किया जा रहा है. इसके कारण पारा शिक्षकों के बीच काफी नाराजगी है.
इसलिए मुख्यमंत्री मामले को गंभीरता लेते हुए तुरंत सकारात्मक पहल करें. ताकि, पारा शिक्षकों को उचित न्याय मिल सके. सांसद ने पत्र में यह भी कहा है कि पारा शिक्षकों के लिए समान वेतन भी लागू किया जाय. ताकि, उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके. उन्होंने जोर देकर कहा है कि पारा शिक्षकों को छत्तीसगढ़, बिहार के तर्ज पर वेतन मिलना चाहिए. सांसद ने पारा शिक्षकों की मांग को जायज बताया है.
अपने वादों से मुकर रही है सरकार
शनिवार 8 सितंबर को पारा शिक्षकों ने ओरमांझी प्रखंड में एक महत्पूर्ण बैठक की. बैठक की अध्यक्षता पारा शिक्षक संघ के नेता मनोज महतो व संचालन ललिता देवी द्वारा किया गया. बैठक में शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी पर आरोप लगाया कि पारा शिक्षकों का पदस्थापन समान प्रखंड में नहीं किया जा रहा है. शिक्षकों को बेवजह परेशान करने के लिए अपने प्रखंड से दूर पदस्थापन किया जा रहा है. सरकार अपने वादों से मुकर रही है. रांची जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही है. इसका संघ पुरजोर तरीके से विरोध करता है.
मांग नहीं पुरा होने पर मुंडन करेंगी महिला पारा शिक्षक
संघ के नेताओं ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिहार एवं छत्तीसगढ़ के तर्ज पर झारखंड में भी पारा शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए. पारा शिक्षकों ने बताया कि हम सभी पारा शिक्षकों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है. जहां सरकारी शिक्षकों को उसी विद्यालय में 40,000 वेतन देती है, वहीं पारा शिक्षकों को 6000-7000 रुपए पर काम करना पड़ता है. जिससे पारा शिक्षकों के बच्चों की पढ़ाई और दवाई में भी कम पड़ जाता है. अब सरकार के साथ हम सभी पारा शिक्षक आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे. महिला पारा शिक्षक गौरी झा ने कहा कि अगर सरकार द्वारा समय रहते हुए ही हम पारा शिक्षकों की मांग नहीं मानी गई तो हम सभी महिलाएं अब अपना बाल मुंडन करा कर सरकार का विरोध करेंगी.