रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शिक्षा विभाग के तीन योजनाओं की शुरुआत की है. इसमें ई-विघावाहिनी, ज्ञानसेतु और परिवहन व्यवस्था शामिल है. कार्यक्रम का आयोजन धुर्वा स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी में किया गया है.
समारोह में शिक्षा मंत्री नीरा यादव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. ज्ञानसेतु, ई-विद्यावाहिनी एवं परिवहन व्यवस्था के माध्यम से विद्यालयों का पुनर्गठन होगा. साथ ही शिक्षा में गुणात्मक सुधार होगा. "हर बच्चा छुएगा आसमां"
इस मौके पर ज्ञानसेतु के वर्क बुक का लोकार्पण किया. गौरतलब है कि ई-विद्यावाहिनी के तहत डिजिटल रूप में ऑनलाइन अनुश्रवण की व्यवस्था होगी. ई- विद्यावाहिनी कार्यक्रम सरकार के शिक्षा विभाग की महत्वकांक्षी योजना है. इसके माध्यम से अकादमिक एवं प्रशासनिक सूचकांकों पर राज्य के सभी विद्यालयों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है.
वहीं, ज्ञानसेतु कार्यक्रम कक्षा एक से कक्षा 9 में अध्ययनरत वैसे बच्चे जिनकी दक्षता कक्षानुसार नहीं है, उनके लिए अधिगम संवर्धन कार्यक्रम है. इससे बच्चों को लाभ मिलेगा. परिवहन की व्यवस्था योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में बड़े विद्यालय की अवधारणा हेतु परिवहन की व्यवस्था करना है, ताकि छात्र-छात्राएं सुगमतापूर्वक विद्यालय में पहुंच सकें. इन तीनों कार्यक्रम सीधे तौर पर शिक्षा में किए जाने वाले बड़े परिवर्तन को लेकर है. इन तीनों कार्यक्रमों से यह अपेक्षा की गई है कि न सिर्फ बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि होगी. बल्कि विद्यालयों के प्रति इनकी अभिरुचि एवं ऑनलाइन अनुश्रवण के माध्यम से आंकड़ों की सत्यता भी बढ़ेगी.