चतरा : अपनी मांगों के समर्थन में जिले के पारा शिक्षक बुधवार से चरणबद्ध
आंदोलन की शुरूआत की है। प्रथम चरण में सभी प्रखंड मुख्यालयों पर मशाल
जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारे लगाए। जिला मुख्यालय में स्थानीय गीता
आश्रम मध्य विद्यालय से पारा शिक्षक संघ सरकार के प्रति रोष जताते हुए मशाल
जुलूस निकाला। मशाल जुलूस का नेतृत्व प्रखंड अध्यक्ष रामचंद्र विद्यार्थी
कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर सरकार से वार्ता हुई थी।
मांगो को पूरा करने के लिए सरकार ने दो माह का समय लिया था। लेकिन तीन माह
का समय बीतने के बाद भी मांगों को पूरा नही किया गया। इसी के विरोध में
मशाल जुलूस निकाला गया है। बताया कि मशाल जुलूस के बाद गुरुवार को सांसद
सुनील कुमार ¨सह से मिलकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। उसके बाद
शुक्रवार को संघ की बैठक होगी। जिसमें प्रधानमंत्री के जन्म दिन पर खून से
पत्र लिखकर उन्हें प्रेषित किया जाएगा। उसके बाद 22 एवं 23 सितंबर को
राज्यपाल का घेराव किया जाएगा। तब भी सरकार नही मानी तो, सांसद आवास के
समीप अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में
सत्यदीप कुमार मालाकार, राजेश कुमार, विजय कुमार समेत दर्जनों की संख्या
में पारा शिक्षक उपस्थित थे। इधर सिमरिया में भी प्रखंड के पारा शिक्षकों
ने मशाल जुलूस निकाला और सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। जुलूस का
नेतृत्व पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष फणीश्वर यादव कर रहे थे। जुलूस सिमरिया
चौक के सभी मार्गो का भ्रमण किया और आक्रोश व्यक्त किया। संघ के अध्यक्ष
ने बताया कि झारखंड सरकार पारा शिक्षकों का दमन कर रही है। पारा शिक्षकों
को नाही पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और ना ही सुविधा। पारा शिक्षकों से
मेहनत कराया जा रहा है और उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा। उन्होंने
कहा कि सरकार विद्यालय का मर्जर बंद करें, पारा शिक्षकों की छटनी पर
अविलंब रोक लगाए और सामान काम का समान वेतन दे नहीं तो यह आंदोलन जारी
रहेगा। मौके पर प्रखंड के सभी विद्यालयों के पारा शिक्षक मौजूद थे।
कान्हाचट्टी प्रखंड के पारा शिक्षकों ने भी मशाल जुलूस निकाल कर विरोध
जताया है।