झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को
ग्रेड-पे सात हजार रुपए देने पर रोक लगा दी गई है। इस बैच में रांची
यूनिवर्सिटी समेत राज्य में 751 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।
उच्च, तकनीकी
शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सातों विश्वविद्यालयों में वर्ष 2006 के बाद
नियुक्त यूनिवर्सिटी शिक्षकों को एजीपी सात हजार भुगतान करने पर रोक लगाने
से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया हैं। बताते चलें कि वर्तमान में
इस बैच के असिस्टेंट प्रोफेसर को छह हजार रुपए ग्रेड पे दिया जा रहा है।
सात हजार रुपए ग्रेड पे नहीं मिलने के कारण इस बैच के शिक्षक नाराज हैं।
साथ ही आक्रोशित भी हैं। इस बैच के शिक्षकों का कहना है कि नियुक्ति के 10
वर्ष के बाद न तो प्रमोशन मिला है और नहीं ग्रेड पे में बदलाव किया गया है।
भुगतान करने वाले विवि होंगे जिम्मेवार: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग
ने नियम के विरुद्ध हो रहे भुगतान को यूनिवर्सिटी प्रशासन को रोक लगाने के
लिए कहा है। विवि ऐसे शिक्षकों के भुगतान पर रोक नहीं लगाती है तो इसकी
जवाबदेही संबंधित विवि की होगी।
प्रमोशन का नियम: यूजीसी के गाइड लाइन के अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर के
पद नियुक्ति के समय जिन शिक्षकों के पास पीएचडी की उपाधि है। उन्हें चार
साल में सात हजार रुपए ग्रेड हो जाएगा। इसी प्रकार जिन शिक्षकों के पास
एमफिल की डिग्री है उनके ग्रेड पे में पांच साल में बदलाव किया जाएगा। वहीं
जिन शिक्षकों के पास पीएचडी या एमफिल की उपाधि नहीं है, उन्हें छह साल में
सात हजार रुपए ग्रेड पे दिया जाएगा।