बीआरसी प्रांगण नारायणपुर में एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से
एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के सक्रीय सदस्य
निलाम्बंर मंडल द्वारा किया गया।
बैठक में पारा शिक्षकों ने झारखंड की
सरकार को जमकर कोसा और अपनी-अपनी भङास निकाली। सरकार की ओर से पिछले पांच
महीने से मानदेय नहीं दिए जाने पर शिक्षकों के समक्ष आ रही परेशानियों पर
वक्ताओं ने अपना विचार रखा तथा सरकार के विरोध में अपनी अपनी आवाज को बुलंद
किया। पारा शिक्षक संघ के सदस्यों में सुमन सिंह ने सरकार पर निशाना साधते
हुए कहा कि रघुवर सरकार तरह-तरह के काम करवाने पर पारा शिक्षकों को लगाया
करती है। यह सिर्फ और सिर्फ शोषण मात्र है। पारा शिक्षक को निकालने की
साजिश झारखंड की रघुवर सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है। यह सरकार कभी
भी पारा शिक्षक के दुख और तकलीफ को समझने वाली नहीं है। मानदेय की बात को
लेकर वक्ताओ ने कहा कि हमारा मानदेय किसी दूसरे मद में दे दिया गया है जो
सरकार की दोहरी नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एक ओर पारा शिक्षक कम
मानदेय में अपने कर्तव्य पथ पर चल रहे है। आर्थिक तंगी की मार भी झेल रहे
है। पारा शिक्षक असमय ही मौत की ओर लगातार चले जा रहे है बावजूद यह सरकार
पारा शिक्षकों को पांच महीने से भूखे मारने पर आमदा दिखती है। कहा कि अगर
ऐसा चलता रहा तो हम सभी अपने बाल बच्चों के लिये कुछ नहीं कर सकते है। पारा
टीचर सब्बीर अंसारी ने कहा कि बकरीद का त्योहार सामने है बावजूद मानदेय से
हमसबों को नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण पारा शिक्षक को एक चरणबद्ध
आन्दोलन को धारदार बनाने की रणनीति तैयार करना पङ रहा है। अपने बैठक में
लिये गए निर्णय के बाद एक ज्ञापन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को सौंपा
गया। इस बैठक में निलाम्बंर मंडल, मदन पंडित, मनबोध पंडित, विपिन दत्ता,
उमेश मिश्रा, अजीत सिंह, कमलेश तिवारी, मो खुर्शीद, सुदन राय, काशीनाथ
पंडित, अख्तर अंसारी, रविशंकर मिश्रा आदि थे।