झारखंड के प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों के तबादले पर लगी रोक सरकार ने
आंशिक रूप से हटा ली है। वैसे शिक्षक या सरकारी सेवा में कार्यरत
पति-पत्नी, जो अलग-अलग जिले में कार्यरत हैं और ऐसे शिक्षक जो दिव्यांग हैं
उनका अंतर जिला स्थानांतरण हो सकेगा।
इसके लिए राज्य सरकार ने जिलों से
आवेदन मांगा है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक आकांक्षा रंजन ने सभी जिलों के
जिला शिक्षा अधीक्षकों को इसके लिए निर्देश दे दिया है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक आकांक्षा रंजन ने निर्देश दिया है कि ऐसे
शिक्षकों से आवेदन लेने और जमा करने से पहले उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन
और सेवा संपुष्ट होना आवश्यक हैं। इस तरह के जिन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों
का सत्यापन नहीं हुआ है और सेवा संपुष्ट नहीं की गयी है वैसे शिक्षकों का
आवेदन मान्य नहीं होगा। जिलों से जिन शिक्षकों की अंतरजिला स्थानांतरण की
लिस्ट भेजी जायेगी, उसे जिला के वेबसाइट पर भी निश्चत रूप से सार्वजनिक
किया जायेगा। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने जारी निर्देश में कहा है कि
प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में कार्यरत ऐसे शिक्षकों का यह तबादला
'स्थानांतरण व अनुशासनिक कार्रवाई नियमावली' के तहत किया जायेगा। यह
तत्कालिक आवश्यकता और अपरिहार्य कारणों से होता है।
आंशिक रूप से रोक हटी, जारी रहेगा आंदोलन : अंतरजिला स्थानांतरण में सरकार
के निर्णय पर अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि अभी आंशिक रूप से
रोक हटी है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर
और मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने संयुक्त रूप से कहा कि जब तक सभी प्रकार
के स्थानांतरण की स्वीकृति सरकार नहीं देती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार ने 10-11 सितंबर को मुख्य सचिव का होने वाले घेराव को देखते हुए आनन
फानन में आधा अधूरा स्थानान्तरण आदेश जारी किया है। संघ के आंदोलन में सभी
प्रकार के शिक्षक शामिल होंगे।