राज्य के 67 हजार पारा शिक्षकों के समायोजन के लिए परीक्षा ली जाएगी या
नहीं, यह अभी तय नहीं हुआ है। पारा शिक्षकों के मानदेय और स्थाई करने
संबंधी विषयों के निराकरण के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी ने
मंगलवार को जारी
विज्ञप्ति में यह कहा है। कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल
की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय कमेटी में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव,
वित्त सचिव, विधि सचिव, राज्य परियोजना निदेशक समेत पारा शिक्षक संघ के
सिंटू सिंह, बजरंग प्रसाद और ऋषिकेश पाठक हैं। कमेटी ने मंगलवार को जारी एक
विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि इस विषय पर हुई बैठकों के दौरान अभी किसी
निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
वर्तमान में कई पहलुओं के अलावा उच्चतम न्यायालय के सिविल अपील संख्या -
9529/2017 में 25 जुलाई 2017 को पारित आदेश एवं अन्य न्याय निर्णयों का
गहन अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद ही समिति अपना मंतव्य सरकार को
भेजेगी। इस बीच झारखंड प्रदेश पारा शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष संजय दुबे ने
कहा कि सोमवार को हुई बैठक के बाद उच्च स्तरीय कमेटी में शामिल पारा
शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने बताया था कि बैठक में परीक्षा लेने पर चर्चा
हुई थी।