जिला शिक्षा स्थापना समिति की बैठक में सरकारी शिक्षकों के रैशनलाइजेशन का
कार्य डीसी अमीत कुमार की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान स्कूलों में सरप्लस
223 शिक्षकों पर विचार हुआ और शिक्षकों से प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी कर
158 शिक्षकों का पदस्थापन किया गया। शिक्षकों से प्राथमिकता के आधार पर
आवेदन मांगा गया था।
बैठक में प्राप्त विकल्पों के अनुसार प्रथम विकल्प पर 52, दूसरे विकल्प
पर 30, तीसरे विकल्प पर 29, चौथे विकल्प पर 24 और पांचवें विकल्प पर 23
शिक्षक-शिक्षिकाओं की पदस्थापना की गई। इस प्रकार स्थापना समिति की इस बैठक
में कुल 158 शिक्षकों का शिक्षक-छात्र अनुपात में पदस्थापन किया गया है।
जिन सरप्लस शिक्षकों से आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है अथवा उनके विकल्प
वाले विद्यालय में रिक्त पद नहीं है, उनसे शेष बचे विद्यालयों के लिए पद के
अनुसार उपलब्ध पदों पर आवेदन की मांग की जाएगी, ताकि सरकार की इस
महत्वाकांक्षी योजना को शत-प्रतिशत कार्यान्वित किया जा सके। शेष बचे
शिक्षकों को अगले चरण में रैशनलाइज किया जाएगा।
स्थापना समिति की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले में सवा चार
सौ पारा शिक्षक अपने विद्यालयों में सरप्लस चिह्नित हुए हैं, उनसे भी 3
विद्यालयों का विकल्प लेकर आवेदन मांगा जाए। यह आवेदन उन पारा शिक्षकों को
अपने ही पंचायत के रिक्त पद वाले विद्यालयों के लिए देना है। इसके लिए
उन्हें 3 दिनों का समय दिया गया है। जिला शिक्षा अधीक्षक इस संबंध में
सरप्लस पारा शिक्षकों की सूची जारी कर रहे हैं।
डीएसई ने बताया कि स्थापना समिति के निर्णय के आलोक में इन सभी
शिक्षकों को नए विद्यालयों में योगदान करना होगा। इस माह का वेतन उन्हें
स्थानांतरित पद से देय होगा। बैठक में डीडीसी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीईओ
व डीएसई उपस्थित थे।
अधिकारियों के साथ बैठक करते डीसी अमीत कुमार।