जिले के शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित चार विंदुआें का पालन
नहीं करना महंगा पड़ सकता है। विभाग के निर्देशों के अनुसार जिन विद्यालयों
में निर्धारित विंदुआें का पालन नहीं किया जाएगा, वैसे विद्यालय के
प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभाग के द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के
द्वारा सभी 1510 प्रावि एवं मवि विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सूचना
निर्गत कर चार बिंदुओं को अनिवार्य रूप से विद्यालय में लागू करने को कहा
गया है। इसमें विद्यालय की कक्षा के लिए समय सारिणी बनाने व उस अनुसार
कक्षाओं का संपादन करने़, घंटी आधारित वर्गकक्ष का संचालन करने, शौचालय व
पेयजल को क्रियाशील करने तथा मध्याह्न भोजन व अल्पाहार को निर्बाध रूप से
संचालित करना शामिल है।
जारी नोटिस में कहा गया है कि इसमें से यदि एक भी बिंदू के संबंध में
त्रुटि या लापरवाही पाई गई तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक के
साथ-साथ सीआरपी, बीआरपी व बीईईओ पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग के
पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों कई विद्यालयों का निरीक्षण किया
गया था। जहां जैसे- तैसे कक्षाआें का संचालन करते देखा गया। अधिकांश
विद्यालयों में समय सारणी नहीं बनाया गया था। जिसके कारण विद्यार्थी न तो
मन से कक्षा में बैठ रहे हैं और न ही शिक्षक मन से कक्षा ले रहे हैं। इस
तरह की व्यवस्था से ड्रॉप आउट बच्चाें की संख्या बढ़ती है।