गोड्डा : जिले में कई प्राथमिक तथा मध्य विद्यालयों को नीति आयोग के
निर्देश पर मर्ज किया गया है। स्कूलों को मर्ज करने के बाद वहां के
शिक्षकों का नीति आयोग के गाइडलाइन के अनुसार पदस्थापन करने का निर्णय लिया
है।
किसी विद्यालय में शिक्षकों की यूनिट खाली रहने के बावजूद भी अगर वहां
पर निश्चित अनुपात में छात्र-छात्राओं की संख्या नहीं है, तो वहां
शिक्षकों का पदस्थापन नहीं हो पाएगा। वहां की यूनिट खाली रह जाएगी।
शहर से भी कई शिक्षकों को जाना होगा दूर :
छात्र शिक्षक अनुपात का पालन करने के कारण शहर के ही कई स्कूलों के
शिक्षक-शिक्षिकाओं का स्थानांतरण हो सकता है। कई विद्यालय ऐसे हैं जहां
शिक्षक अधिक हैं, और छात्र कम। ऐसी हालत में इन स्कूलों के शिक्षकों को
दूसरे प्रखंडों में भी पदस्थापित किया जा सकता है।
आधार कार्ड ने फर्जी नामांकन पर लगा दी है रोक :
छात्रों का नामांकन के समय ही आधार कार्ड लेने से विद्यालयों में फर्जी
नामांकन पर लगभग रोक लग गई है। नीति आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि
विद्यालय को मर्ज करने के बाद शिक्षक छात्र अनुपात के अनुसार ही शिक्षकों
का पदास्थापन किया जाए। इसे राज्य भर में लागू किया जा रहा है, इसका परिणाम
यह होगा कि छात्रों को शिक्षक पढ़ाने के लिए उपलब्ध हो जाएगा। सुदूर
प्रखंड के स्कूलों को मिल सकते शिक्षक :
बोआरीजोर, सुंदरपहाड़ी, ठाकुरगंगटी प्रखंड में शिक्षकों की संख्या कम
है। ऐसी हालत में युक्तिकरण होने से इन सुदूर प्रखंडों में शिक्षक छात्रों
को मिल सकते हैं। वहीं गोड्डा, पोड़ैयाहाट, पथरगामा प्रखंडों से शिक्षकों को
छात्र अनुपात में हटाया भी जा सकता है। शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन
द्वारा इसपर व्यापक तैयारी की जा रही है।