नव अंगीभूत कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारियों के लिए सोमवार अच्छी खबर लेकर
आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना वाद मामले में सुनवाई के बाद सरकार को
अगस्त तक शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन के साथ एरियर भुगतान करने का आदेश
दिया।
न्यायालय ने वेतन और एरियर भुगतान करने के बाद सरकार को 15 सितंबर तक
एफिडेविट देने का निर्देश दिया है। साथ ही 24 सितंबर को राज्य के मुख्य
सचिव को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के
जस्टिस अरुण कुमार सिन्हा के कोर्ट में अवमानना वाद मामले की सुनवाई हुई।
इसमें सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया था। शिक्षकों की
ओर से अधिवक्ता नीरज शेखर और सरकार का पक्ष भंसरिया ने रखा।
कोर्ट ने तीन माह में भुगतान का दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 31 अगस्त को दिए फैसले में तीन माह के
अंदर शिक्षकों को वेतन- एरियर भुगतान का आदेश दिया था। लेकिन भुगतान नहीं
होने के बाद शिक्षक और कर्मचारी अवमानना वाद में चले गए थे। रांची
यूनिवर्सिटी के केसीबी कॉलेज बेड़ो के दिवाकर देव समेत 26
शिक्षकों-कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई थी। अब
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों और कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
शिक्षकों को 1.37 करोड़ तक मिलेगा एरियर, राज्य के 154 शिक्षकों को लाभ
झारखंड के विभिन्न नव अंगीभूत कॉलेजों के 154 शिक्षक और
कर्मचारियों को वेतन के साथ एरियर भुगतान का निर्देश दिया गया है। वहीं
बिहार के 1100 शिक्षक और कर्मचारियों को कोर्ट के आदेश से लाभ मिलेगा।
बताते चलें कि वर्तमान में चतुर्थ वेतनमान पा रहे प्रत्येक शिक्षक को लगभग
1.37 करोड़ रुपए का एरियर मिलेगा। विश्वविद्यालय द्वारा वेतन निर्धारण का
प्रस्ताव विभाग को पहले ही भेज दिया है। नवांगीभूत कॉलेज के डॉ. अरुण कुमार
सिंह समेत अन्य शिक्षकों ने सुप्रीम के निर्णय का स्वागत किया है।