रांची | दैनिक भास्कर खुला मंच कार्यक्रम की तीसरी कड़ी में शिक्षामंत्री
नीरा यादव ने सोमवार को राज्यभर से आए लोगों के सवालों के जवाब दिए।
शिक्षामंत्री से लालपुर रांची की नगमा शाहिदा ने पूछा कि 12वीं के बाद
स्टूडेंट्स बाहर पढ़ने जा रहे हैं, ब्रेनड्रेन रोकने के लिए अच्छी
यूनिवर्सिटी क्यों नहीं है? इस पर शिक्षामंत्री ने कहा कि मंत्री से पहले
मैं मां हूं। मैंने भी अपने बच्चे को पढ़ने के लिए बाहर भेजा है।
इसलिए
पलायन का दर्द समझती हूं। बच्चों के साथ पैसा भी बाहर जा रहा है। इसलिए
सरकार का इस पर अधिक फोकस है। 3.5 वर्ष में सरकार को काफी सफलता मिली है।
अब सिर्फ घोषणा नहीं होती। बल्कि उसी दिन से पढ़ाई शुरू हो रही है। राज्य
के प्रत्येक प्रमंडल में इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। पॉलिटेक्निक
कॉलेजों का जीर्णोद्धार हो रहा है। महिला कॉलेज खोले गए हैं। 100 नए
कॉलेजों की स्थापना की प्रक्रिया चल रही है। टेक्निकल और रक्षा यूनिवर्सिटी
की स्थापना की गई। इन दोनों नए विवि में पद सृजन का कार्य पूरा कर लिया
गया है। जल्द ही ब्रेनड्रेन रुकेगा। वहीं, खूंटी के राजकुमार गुप्ता ने
पूछा कि क्या हूल क्रांति को सरकार आजादी की पहली लड़ाई घोषित करेगी, इसे
स्कूली सिलेबस शामिल करने की क्या योजना है? इस पर शिक्षामंत्री ने कहा कि
स्कूल के सिलेबस में हूल को शामिल किया जाएगा। करिकुलम में सुधार किया
जाएगा। इसके लिए स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा समुचित कदम उठाए जाएंगे। ताकि
यहां के बच्चों को इतिहास के बारे में सही जानकारी मिल सके।
01.12वींके बाद हमारे स्टूडेंट्स बाहर जा रहे हैं, ब्रेनड्रेन रोकने के लिए यहां अच्छी यूनिवर्सिटी नहीं है : -नगमा, रांची
जैक बोर्ड मंे सीबीएसई जैसी मूल्यांकन प्रक्रिया करेंगे, ताकि हमारे बच्चों को अच्छे कॉलेजों में एडमिशन मिले
भास्कर खुला मंच कार्यक्रम में लोगों के सवालों के जवाब देतीं शिक्षामंत्री नीरा यादव।
टेट पास स्टूडेंट्स का फ्यूचर क्या है? प्राथमिक शिक्षक भर्ती का रोड मैप बना या नहीं? - नसीम अहमद, पहाड़ीटोला
टेट परीक्षा हर साल, नियुक्ति भी होगी
वर्ष 2015 से टेट पास शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है। सृजित
रिक्त पदों में अधिकांश पर नियुक्ति हो चुकी है। आपको यह समझना होगा कि टेट
प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा है। यह परीक्षा हर साल
होनी चाहिए। भविष्य में टेट की परीक्षा हर होगी। प्राथमिक शिक्षकों के
रिक्त पदों पर टेट पास अभ्यर्थियों की नियुक्ति होगी।
खूंटी में सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है। बच्चे निजी स्कूल जा रहे हैं? - मुकेश जायसवाल, खूंटी
खूंटी में पॉजिटिव बदलाव हो रहा है
सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधा देने के हर संभव प्रयास किए जा
रहे हैं। हमें सफलता भी मिली है। प्रत्येक स्कूल में बिजली पहुंच गई है।
शौचालय बनवा गए हैं। खूंटी के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें हो रही हैं।
आने वाले दिनों के इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। वहां के बच्चे
पढ़ना चाहते हैं और उन्हें पढ़ने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।
02.क्या हूल क्रांति को सरकार आजादी की पहली लड़ाई घोषित करेगी,
इसे स्कूली सिलेबस में शामिल करने की क्या योजना है : -राजकुमार गुप्ता,
खूंटी
हूल जनक्रांति के इतिहास को स्कूली सिलेबस में शामिल करेंगे
रक्षा शक्ति विवि के स्टूडेंट्स को नौकरी नहीं मिल रही है। उन्हें
बम, बारूद बनाना व बंदूक चलाना आता है। क्या नक्सली बन जाएं? - अंकित,
किशोरगंज
रक्षा शक्ति विवि के स्टूडेंट्स को एसआई-कांस्टेबल में वेटेज है
बच्चों को हमेशा पॉजिटिव सोच से आगे बढ़ना चाहिए। रक्षा शक्ति
विवि की स्थापना बड़े उद्देश्य से की गई है। यह देश की तीसरी यूनिवर्सिटी
है जहां सुरक्षा से जुड़े छह कोर्सों की पढ़ाई हो रही है। यहां से पास
बच्चों का 100% लक्ष्य रखा है। सब इंस्पेक्टर व कांस्टेबल नियुक्ति में
रक्षा विवि से पास आउट बच्चों को अतिरिक्त वेटेज देने का सरकार ने निर्णय
लिया है। युवा दिवस के अवसर पर 25 हजार बच्चों को रोजगार देने का लक्ष्य
रखा गया था। लेकिन अब तक हम 13 हजार बच्चों को रोजगार देने में सफल रहे।
जैक को भी सीबीएसई जैसे अंक देने चाहिए, ताकि बच्चे अच्छे कॉलेज जा सकें?-प्रीति उरांव, बरियातू
सीबीएसई जैसा मूल्यांकन कराएंगे
शिक्षामंत्री ने कहा कि बच्चों को उत्तर पुस्तिका में दिए गए जवाब
के अनुसार ही अंक मिलना चाहिए। जैक बोर्ड के मूल्यांकन का तरीका अलग है।
पर हम सीबीएसई की तर्ज पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराएंगे। हमारे
बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। वे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के
परचम लहरा रहे हैं लेकिन कम्यूनिकेशन स्किल में पिछड़ जाने से दूसरी जगहों
पर इंटरव्यू में फेल हो जाते हैं। हमें अब इसी पर काम करना चाहिए।
ओपन यूनिवर्सिटी बनाने पर सरकार विचार कर रही : डॉ. नीरा
खुलामंच में पूछा गया कि क्या राज्य में ओपन यूनिवर्सिटी के लिए
कोई नीति बनाई जाएगी, ताकि इस क्षेत्र में इन्वेस्टर्स आ सकें। इसकी
स्थापना कब तक होगी? इस पर शिक्षामंत्री बोलीं कि ओपन यूनिवर्सिटी खोलने पर
विचार किया जाएगा। इन्वेस्टर्स आतें हैं तो उन्हें सरकार सहूलियत दी
जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा निकट भविष्य में प्रक्रिया शूरू होगी।
यूनिवर्सिटी स्थापित हो जाने से कामकाजी लोगों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने
का अवसर मिलेगा।
हर हफ्ते मंगल-बुधवार को बता सकते हैं अपनी समस्या : डॉ. नीरा
शिक्षामंत्री डॉ. नीरा यादव ने कहा कि प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और
बुधवार को विभागीय कार्यालय में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए
बैठती हैं। कोई भी व्यक्ति निर्धारित दिन विभाग में आकर अपनी समस्या को बता
सकता है। 0651-2400637 इस नंबर पर संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं।