जमशेदपुर | कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) में जहां 75 प्रतिशत उपस्थिति
नहीं होने पर छात्र-छात्राओं को परीक्षा फॉर्म भरने से रोक दिया जाता है।
कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। गोलमुरी
स्थित एबीएम कॉलेज इसका उदाहरण है।
यहां 6 विभागों में स्नातक की कक्षाएं
लेने के लिए शिक्षकों के स्वीकृत पद हैं, लेकिन एक भी शिक्षक नहीं हैं।
इनमें पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, मैथ
विभाग के छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट की क्लास लेने वाले शिक्षक पढ़ाते
हैं। कॉलेज की प्राचार्य डॉ मुदिता चंद्रा ने बताया कि केयू को शिक्षकों की
कमी के बारे में पत्र लिखा गया है।
जमशेदपुर | कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) में जहां 75 प्रतिशत उपस्थिति
नहीं होने पर छात्र-छात्राओं को परीक्षा फॉर्म भरने से रोक दिया जाता है।
कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। गोलमुरी
स्थित एबीएम कॉलेज इसका उदाहरण है। यहां 6 विभागों में स्नातक की कक्षाएं
लेने के लिए शिक्षकों के स्वीकृत पद हैं, लेकिन एक भी शिक्षक नहीं हैं।
इनमें पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, मैथ
विभाग के छात्र-छात्राओं को इंटरमीडिएट की क्लास लेने वाले शिक्षक पढ़ाते
हैं। कॉलेज की प्राचार्य डॉ मुदिता चंद्रा ने बताया कि केयू को शिक्षकों की
कमी के बारे में पत्र लिखा गया है।