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एचआरए घटा, अब बढ़े वेतन की होगी रिकवरी

जमशेदपुर :  वित्त विभाग की अोर से शिक्षकों को ग्रेड-4 अौर ग्रेड-7 में प्रोमोशन के बाद वेतन बढ़ोतरी पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. शिक्षकों को करीब 14 महीने पूर्व ग्रेड-4 अौर ग्रेड-7 में प्रोन्नति देने के बाद उनकी सीनियरिटी बढ़ गयी, जिसके बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया. 
 
प्रोमोशन पाने की वजह से स्थानांतरण होने के बाद अधिकांश शिक्षकों को शहर से गांव भेज दिया गया. लेकिन इससे उन्हें कोई आर्थिक लाभ नहीं हुआ. बल्कि उन्हें आर्थिक हानि हुई. कारण है कि शहर में पदस्थापित शिक्षकों को 16 प्रतिशत एचआरए मिलता है, प्रोमोशन की वजह से स्थानांतरित होने वाले शिक्षकों को गांव भेजे जाने की वजह से उनका एचआरए 8 प्रतिशत हो गया. इसके साथ ही वित्त विभाग की आपत्ति से पूर्व कई शिक्षकों को वेतन बढ़ा कर दे दिया गया, लेकिन अब उनके बढ़े वेतन की रिकवरी भी शिक्षकों से होगी. 
 
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने आज बुलायी आपात बैठक . झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रोमोशन के बाद बढ़े वेतन की रिकवरी के खिलाफ पूरे राज्य में आंदोलन की चेतावनी दी है. इसे लेकर बुधवार को मोदी पार्क में शाम चार बजे बैठक बुलायी गयी है.   
 
 अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश सलाहकार समिति के सदस्य सुनील कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शिक्षकों के बढ़े वेतन की अगर रिकवरी की जायेगी, तो फिर प्रोन्नति का क्या अौचित्य है. 

नियमावली की गलत हुई है व्याख्या, जायेंगे कोर्ट 

झारखंड अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव राम नारायण सिंह ने कहा कि जिस प्रकार का फरमान जारी किया गया है, उसका विरोध किया जायेगा. प्रोन्नति नियमावली 1993 के धारा 12 क में इस बात का उल्लेख है कि प्रोन्नति मिलने के बाद शिक्षकों को एक वेतन वृद्धि का भी लाभ दिया जायेगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार के वर्ष 2000 के जिस आदेश का हवाला दिया गया है, वह आदेश वरीय वेतनमान अौर प्रवरण वेतनमान के लिए लागू किया जाता है. न कि ग्रेड 4 अौर ग्रेड 7 में. उन्होंने कहा कि नियमों की व्याख्या गलत तरीके से कर दी गयी है. इस फैसले के विरोध में राज्य भर के शिक्षक हाइकोर्ट जायेंगे.

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