वित्त विभाग ने प्राथमिक शिक्षकों की प्रोन्नति के बाद वेतन निर्धारण
नियमावली के नियम 22(1) ए (2) के तहत करने का निर्देश दिया है।
इसके तहत अब
शिक्षकों को प्रोन्नति के बाद किसी प्रकार के वेतन वृद्धि का लाभ नहीं
मिलेगा। वित्त विभाग के पत्र के आलोक में निदेशक प्राथमिक शिक्षा ने सभी
जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र निर्गत कर इसी के अनुरूप कार्रवाई करने को
कहा है। सरकार के इस आदेश के खिलाफ शिक्षकों में रोष है। अखिल झारखंड
प्राथमिक शिक्षक संघ ने वित्त और शिक्षा विभाग के इस आदेश पर आपत्ति जताई
है। संघ का कहना है कि प्रोन्नति के बाद वेतन निर्धारण के लिए पूर्व से
स्थापित नियमों की अनदेखी कर इस प्रकार का आदेश निर्गत किया गया है। संघ के
प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र चौबे, महासचिव राम मूर्ति ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता
नसीम अहमद, संतोष कुमार, अस्सदुल्लाह, हरे कृष्ण चौधरी, देवी प्रसाद
मुखर्जी, सलीम सहाय तिग्गा, कृष्ण शर्मा आदि ने विभाग के पत्र के विरोध में
आपत्ति दर्ज कराई है। कहा है कि वित्त विभाग ने सिर्फ शिक्षकों के वेतन
निर्धारण में वित्तीय लाभ पर रोक लगाकर शिक्षा विरोधी कार्य किया है। जब
प्रोन्नति के बाद वित्तीय लाभ मिलेगा ही नहीं, तब ऐसी प्रोन्नति का औचित्य
ही क्या है।