लोहरदगा : संयुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा 2016 की
वर्तमान नियमावली के आधार पर रिजल्ट प्रकाशित करने में हो रहे विलंब को
लेकर अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने समस्या
से डीसी को अवगत कराते हुए रिजल्ट प्रकाशित कराने की मांग की है।
डीसी को
सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि झारखंड के सरकारी उच्च विद्यालयों में
शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण आदिवासी बहुल, पिछड़े राज्य के सरकारी
विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित हो रही
है। इसे देखते हुए सरकार उच्च विद्यालयों में अविलंब शिक्षकों की नियुक्ति
करने का प्रयास करें। ज्ञापन में कहा गया है कि नियमावली के निर्माण में
तीन वर्ष से अधिक का समय लगा गया है। परंतु स्कूली शिक्षा और साक्षरता
विभाग के 01 मार्च 2016 के ज्ञापांक 434 के अनुसार 25 प्रतिशत प्राथमिक
शिक्षकों के लिए आरक्षित सीटों के लिए सुयोग्य उम्मीदवार नहीं मिलने की
स्थिति में इन सीटों को सीधी भर्ती से भरा जाने का निर्देश है। इस नियम का
जिक्र जेएसएससी द्वारा नहीं किए जाने के कारण शिक्षकों की 4200 पद रिक्त रह
जाने की संभावना है। इधर सीजीटीटीसीई 2016 परीक्षा नवंबर 2017 में संपन्न
हुई। आज पांच माह से अधिक समय बीत गए जिससे लाखों बेरोजगार शिक्षक अपने
भविष्य को ले हताश-निराश और कुंठा से ग्रस्त हैं। प्रतिनिधिमंडल ने डीसी के
माध्यम से अविलंब रिजल्ट प्रकाशित कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में
जितेंद्र कुजूर, निरंजन प्रताप ¨सह, अमर तिर्की, राजेश साहु, चंद्रभूषण
¨सह, बिहारी लकड़ा, राजेश प्रसाद साहु, प्रदीप लकड़ा, अमन कुमार साहु, उमेश
कुमार महतो, संजय उरांव, निशा नीलम कुजूर, सुनीता साहु, पुनिता लकड़ा, रेखा
कुमारी आदि मौजूद थे।