एजुकेशन रिपोर्टर | जमशेदपुर
ग्रेड-4 व ग्रेड-7 में प्रोन्नति का लाभ पाने वाले प्रारंभिक
विद्यालयों के शिक्षकों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। प्राथमिक शिक्षा
निदेशालय ने इन शिक्षकों के एक वेतन वृद्धि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने
का निर्देश सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को जारी किया है।
इस निर्देश में स्पष्ट कहा गया है- राजकीयकृत व प्रारंभिक विद्यालयों
के शिक्षकों को सभी ग्रेडों में प्रोन्नति के फलस्वरूप वेतन निर्धारण एफआर
22 (i) A(2) के तहत किया जाए। इसका मतलब है इन शिक्षकों को प्रोन्नति को दी
जाए, लेकिन कोई वेतन वृद्धि न की जाए। इधर, निदेशालय का निर्देश मिलने के
साथ डीएसई बांके बिहारी सिंह ने इस संबंध में पत्र जारी कर सभी निकासी व
व्ययन पदाधिकारियों को ग्रेड 4 व 7 के शिक्षकों को प्रोन्नति से पूर्व
मिलने वाले वेतन के अनुरूप भुगतान करने का आदेश दिया।
जनवरी-2017 से मिल रही वेतनवृद्धि की होगी वसूली
इस निर्देश के माध्यम से सरकार ने शिक्षकों को दोहरा झटका दिया
है। एक ओर जहां उनके वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है, वहीं प्रोन्नति के
बाद उन्हें जितनी राशि वेतनवृद्धि के तौर पर भुगतान हुई है, उसकी वसूली की
बात कही गई है। प्रत्येक शिक्षक को करीब 64 हजार अतिरिक्त भुगतान हुआ।
विभागीय अधिकारियों की गलती के कारण बनी स्थिति
जानकारी के अनुसार, जनवरी-2017 में जिले के 500 शिक्षकों को ग्रेड
4 में और 14 शिक्षकों को ग्रेड-7 में प्रोन्नति दी गई थी। इसमें विभागीय
अधिकारियों की गलती से वेतन निर्धारण एफआर 22 (i) A(1) के तहत कर दिया गया,
जिसमें शिक्षकों को प्रोन्नति के साथ एक इंक्रीमेंट का लाभ मिला। इससे
शिक्षकों के वेतन में 3-4 हजार की वृद्धि हुई।