पटना
| मैट्रिक इंटर परीक्षा की कॉपियों की जांच की गति धीमी और शिक्षकों के
गायब रहने पर शिक्षा विभाग और बिहार बोर्ड ने सख्त रूख अपनाया है। बुधवार
को शिक्षा विभाग के सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू व बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद
किशोर ने मूल्यांकन कार्य की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की।
समीक्षा में राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम
पदाधिकारी (माध्यमिक) तथा सभी माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट मूल्यांकन केन्द्रों
के निदेशक मौजूद थे। कॉपियों के जांच की जिलावार समीक्षा की गई। बोर्ड
अध्यक्ष ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि मूल्यांकन
कार्याे में योगदान नहीं देनेवाले परीक्षकों के विरुद्ध अगले 24 घंटे के
अंदर प्राथमिकी दर्ज करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अनुशंसा करें।
उन्होंने कहा कि सह परीक्षकों, प्रधान परीक्षकों द्वारा मूल्यांकन के लिए
नियुक्ति के बाद भी योगदान नहीं करने की बात स्वीकार करने के लायक नहीं है।
परीक्षा कार्याे में प्रतिनियुक्ति एक अति महत्वपूर्ण सरकारी कार्य है एवं
बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 के प्रावधान के तहत परीक्षक के रूप में
नियुक्त किये गए शिक्षक के द्वारा मूल्यांकन कार्य किया जाना बाध्यकारी
है।
शिक्षा विभाग के सचिव राबर्ट एल. चोंग्थू ने कहा कि सभी परीक्षकों को
समय पर मूल्यांकन कार्य समाप्त करने के लिए पूरी तन्मयता एवं डेडिकेशन के
साथ काम करना है। मूल्यांकन कार्य से अनुपस्थित रहे शिक्षकों के विरुद्ध
कठोर अनुशासनिक कार्रवाई करने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने समिति को
मूल्यांकन कार्य से अनुपस्थित रहे शिक्षकों की सूची सभी जिलों से प्राप्त
करते हुए विभाग को भेजने को कहा ताकि उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनिक कार्रवाई
की जाए।