रांची : बीस से कम बच्चों वाले प्राइमरी स्कूलों को पास के दूसरे
स्कूलों में मर्ज करने की नीति के विरोध तथा समान काम के लिए समान वेतन आदि
की मांग को लेकर एकजुट हुए पारा शिक्षकों ने शनिवार को राजधानी रांची में
अपनी शक्ति दिखाई।
शिक्षा मंत्री नीरा यादव के आवास का घेराव करने पहुंचे
हजारों पारा शिक्षकों को वहां तक पहुंचने तो नहीं दिया गया, लेकिन विधानसभा
मैदान में ही पारा शिक्षकों ने इकट्ठा होकर सरकार की नीतियों के विरोध में
हुंकार भरा।
तीनों गुट हुए शामिल
एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले तीनों प्रमुख गुट के
पारा शिक्षक इस घेराव कार्यक्रम में शामिल हुए। निर्धारित कार्यक्रम के तहत
पारा शिक्षक सुबह दस बजे ही बिरसा चौक पर जमा होकर धुर्वा स्थित शिक्षा
मंत्री के आवास की ओर बढ़ने लगे। हालांकि मौके पर उपलब्ध जिला प्रशासन ने
उन्हें विधानसभा मैदान से आगे बढ़ने से रोक दिया। पारा शिक्षक मैदान में ही
बैठकर दिनभर भाषणबाजी करते रहे। पारा शिक्षक मुख्यमंत्री रघुवर दास से
मिलाने की मांग करते रहे। बाद में वरीय पुलिस अधीक्षक तथा एसडीओ द्वारा दो
दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से मिलाने के आश्वासन के बाद ही शाम में पारा
शिक्षक वहां से हटे। पारा शिक्षकों का नेतृत्व संजय दुबे, विनोद बिहारी
महतो, बजरंग प्रसाद तथा ऋषिकेश पाठक ने किया.
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मूल्यांकन का करेंगे बहिष्कार
इधर, पारा शिक्षकों ने राज्य सरकार को पंद्रह दिनों का अल्टीमेटम देते
हुए हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। मोर्चा ने साथ ही आगे का भी
कार्यक्रम तय कर दिया है। इसके तहत पारा शिक्षक 12 मार्च से स्कूल मर्जर को
लेकर शुरू हो रही प्रखंडस्तरीय शिक्षा समिति की बैठक का बहिष्कार करेंगे
तथा काला बिल्ला लगाएंगे। ये बीएलओ कार्य तथा समेटिव असेससमेंट- 2 के
मूल्यांकन का भी बहिष्कार करेंगे। पारा शिक्षकों ने पांच अप्रैल को
मुख्यमंत्री आवास के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना का भी निर्णय लिया है।